थैलेसीमिया मरीजों के लिए वरदान बना सदर अस्पताल का ब्लड बैंक
वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 468 यूनिट तक पहुंच गया. यह बढ़ोतरी न केवल मरीजों की जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी प्रमाण है. राहत की बात यह है कि वर्तमान समय में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में 85 यूनिट रक्त का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है
बिना रिप्लेसमेंट 52 पंजीकृत मरीजों को मिल रहा नियमित रक्त, एक साल में 468 यूनिट ब्लड उपलब्ध करा बनाया नया रिकॉर्डमुंगेर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ताजा रिपोर्ट ने मुंगेर सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की मानवीय पहल को नई पहचान दी है. ब्लड बैंक में वर्तमान में 52 थैलेसीमिया पीड़ित मरीज पंजीकृत हैं, जिन्हें बिना किसी रिप्लेसमेंट (बदले में रक्त लिए बिना) नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है. गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह ब्लड बैंक किसी जीवनदान से कम नहीं है.
468 यूनिट ब्लड थैलेसीमिया मरीज को दिया गया
ब्लड बैंक के आंकड़ों के अनुसार थैलेसीमिया मरीजों को दी जाने वाली सहायता में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंजीकृत मरीजों को कुल 325 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 468 यूनिट तक पहुंच गया. यह बढ़ोतरी न केवल मरीजों की जरूरतों को पूरा करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता का भी प्रमाण है. राहत की बात यह है कि वर्तमान समय में सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में 85 यूनिट रक्त का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में भी मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके. थैलेसीमिया मरीजों के लिए मुंगेर सदर अस्पताल का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवा का बेहतर उदाहरण है, बल्कि समाज में मानवीय संवेदनाओं और रक्तदान के महत्व को भी मजबूती से स्थापित कर रहा है.
थैलेसीमिया एक गंभीर बीमारी
ब्लड बैंक के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मो. फैजउद्दीन ने बताया कि थैलेसीमिया एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाना आवश्यक होता है. विभागीय निर्देशों के अनुरूप सभी पंजीकृत मरीजों को बिना रिप्लेसमेंट रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुंगेर के अलावा आसपास के जिलों से आने वाले जरूरतमंद मरीजों को भी यहां से रक्त उपलब्ध कराया जाता है और वर्तमान में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में 325 यूनिट की तुलना में वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 468 यूनिट रक्त जरूरतमंद थैलेसीमिया मरीजों को उपलब्ध कराया गया है.
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