मुंगेर. राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 के तहत बुधवार को बीआरएम कॉलेज एनएसएस इकाई तथा कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया. इस दौरान जागरूकता कार्यक्रम के तहत पोस्टर प्रदर्शनी व नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया गया. सेमिनार के मुख्य वक्ता के रूप में सहायक प्राध्यापक सह पोषण विशेषज्ञ डॉ मनोज कुमार थे. उन्होंने कहा कि गर्भावस्था से बाल्यावस्था में उचित देखभाल, संतुलित पोषण, स्वास्थ्य जांच पूरे मानव जीवन की मजबूत नींव रखती है. बच्चों का प्रथम 6 वर्षों में लगभग 80% शारीरिक वृद्धि व मस्तिष्क का विकास हो जाता है. बच्चों के विकास में मां-पिता व देखभालकर्ता द्वारा देखभाल, पोषण, टीकाकरण व स्टीमूलेशन गतिविधि से अधिक होता है. उन्होंने कहा कि आज परिवार में मां-पिता दोनों के कामकाजी होने के कारण माता-पिता बच्चों को देखभाल व पर्याप्त स्नेह व पोषण नहीं दे पाते है, जबकि प्रथम 6 वर्ष बच्चों के लिए बहुत कीमती समय होता है. उसके विकास के मजबूत नींव के लिए समय के साथ उचित पोषण, परिवार का स्पर्शी स्नेह व उचित देखभाल जरूरी है. वर्तमान समय में अधिकांश समय मोबाइल से जुड़ जाने के कारण के कारण बच्चों का विकास अवरुद्ध हो रहा है. गर्भावस्था व बाल्यावस्था मे उचित देखभाल, स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, टीकाकरण व बच्चों के साथ खेल, बात करना, कहानी गीत सुनाना, उसके साथ समय बिताना, मोबाइल से दूर रखना, 6 माह तक सिर्फ स्तनपान, समय पर ऊपरी आहार की शुरुवात, जैसे प्रयास बच्चों के स्वस्थ विकास व वृद्धि में सहायक है. इस दौरान डॉ रामरेखा कुमार, डॉ मृत्युंजय मिश्रा, डॉ निर्मला दास, डॉ वैशाली आनंद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. इसके बाद छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक व पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का समापन एनएसएस पीओ डॉ प्रीति कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया. मौके पर डॉ रोहित कुमार, डॉ जयराम कुमार, डॉ बालकृष्ण, कुमारी अर्पना, श्रेयम, नेहा, ईशा, नीतू, नंदनी, कोमल, अर्चना, काजल, गुंजन रागिनी सहित अन्य छात्राएं मौजूद थी.
गर्भावस्था से बाल्यावस्था में उचित पोषण व देखभाल पूरे जीवन की रखती है नींव
राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 के तहत बुधवार को बीआरएम कॉलेज एनएसएस इकाई तथा कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया.
