बिहार के मुंगेर जिले में पशु तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपने ही विभाग के एक दरोगा (SI) सहित चार पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. इन पर आरोप है कि ये आरोपी पुलिसकर्मी अवैध रूप से मवेशियों को ले जाने वाले तस्करों से साठगांठ कर उनके वाहनों को जिले की सीमा से सुरक्षित पास कराने में मदद करते थे.
बिंदवारा मोड़ के पास पकड़ा गया 36 भैंसों से लदा ट्रक
पूरे मामले की शुरुआत जिला सूचना इकाई (डीआईयू) की गुप्त सूचना के बाद हुई. डीआईयू की टीम ने मुंगेर-जमालपुर मुख्य मार्ग पर बिंदवारा मोड़ के समीप नाकेबंदी कर एक संदिग्ध ट्रक को रोका. ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें करीब 35 से 36 भैंसें क्रूरतापूर्वक लादी गई थीं. मौके से तीन पशु तस्करों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में मवेशियों को खगड़िया ले जाने की बात स्वीकार की.
कॉल डिटेल खंगालने पर बेनकाब हुए खाकीधारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर गिरफ्तार तस्करों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की गहन जांच शुरू की गई. जांच के दौरान तस्करों के संपर्क में मुंगेर पुलिस के कर्मियों के होने के पुख्ता प्रमाण मिले. तकनीकी अनुसंधान में ट्रैफिक थाना, मुफस्सिल थाना और अन्य थानों में तैनात एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों की सीधी संलिप्तता उजागर हुई. तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लगातार बातचीत और लोकेशन की जानकारी साझा करने के सबूत मिलने के बाद पुलिस कप्तान ने तुरंत चारों को गिरफ्तार करने का आदेश जारी कर दिया.
पुलिस महकमे में हड़कंप, नेटवर्क खंगालने में जुटी टीम
खाकी के संरक्षण में चल रहे इस अवैध खेल के खुलासे के बाद मुंगेर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और इस नेटवर्क में विभाग के अन्य कितने लोग शामिल हैं. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और पशु तस्करी के इस सिंडिकेट से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.
