सिंडिकेट निर्णय के एक माह बाद भी न एजेंसी बदली, न आउटसोर्सिंग कर्मियों को मिला मानदेय

28 मार्च को मुंगेर विश्वविद्यालय में सिंडिकेट बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मियों को 15 अप्रैल तक एक माह के मानदेय भुगतान किये जाने व एजेंसी द्वारा सरकार के निर्धारित राशि के अनुसार मानदेय नहीं देने तक एजेंसी बदलने का निर्णय लिया गया था.

आज से आउटसोर्सिंग कर्मी देंगे धरना, कुलपति व डीएम को कर्मियों ने दिया पत्र

मुंगेर. 28 मार्च को मुंगेर विश्वविद्यालय में सिंडिकेट बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मियों को 15 अप्रैल तक एक माह के मानदेय भुगतान किये जाने व एजेंसी द्वारा सरकार के निर्धारित राशि के अनुसार मानदेय नहीं देने तक एजेंसी बदलने का निर्णय लिया गया था. वहीं सिंडिकेट निर्णय के एक माह बाद भी एमयू प्रशासन अबतक न तो कार्यरत 76 आउटसोर्सिंग कर्मियों को एक माह का मानदेय दे पाया है और न ही एजेंसी बदली है. ऐसे में अब मानदेय नहीं मिलने से नाराज आउटसोर्सिंग कर्मी गुरुवार से विश्वविद्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे. जिसे लेकर आउटसोर्सिंग कर्मियों ने डीएम, कुलपति व संबंधित क्षेत्र को भी पत्र दे दिया है.

बता दें कि 28 मार्च को सिंडिकेट बैठक में निर्णय लिया गया था कि विश्वविद्यालय में एलाइट फैल्कॉन एजेंसी के तहत कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को एक माह का मानदेय भुगतान सरकार के दैनिक कर्मियों के निर्धारित मानदेय के अनुसार दिया जायेगा. वहीं एजेंसी द्वारा सरकार के निर्धारित दर के अनुसार मानदेय भुगतान करने के लिये तैयार नहीं होने की स्थिति में 15 अप्रैल के बाद एजेंसी को बदल दिया जायेगा. साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मियों के पूर्व के बकाये 16 माह के मानदेय का भुगतान चार किस्तों में किया जायेगा. इसके अतिरिक्त नयी एजेंसी का चयन भी निविदा प्रक्रिया के तहत किया जायेगा. हालांकि, इस बीच 11 अप्रैल को कुलपति प्रो संजय कुमार ने एजेंसी से वार्ता के लिये एक कमेटी भी गठित की. जिसके द्वारा अपना रिपोर्ट भी विश्वविद्यालय को दे दिया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन अबतक इसे लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाया है.

आज से आउटसोर्सिंग कर्मी देंगे अनिश्चितकालीन धरना

अपने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर आउटसोर्सिंग कर्मी 7 मई को भी धरने पर बैठने वाले थे. उस दौरान नये वित्त पदाधिकारी द्वारा आश्वासन दिया गया था कि 15 मई तक आउटसोर्सिंग कर्मियों के 5 माह के मानदेय का भुगतान कर दिया जायेगा. जिसमें एक बीते माह तथा चार पूर्व के बकाये माह का मानदेय भुगतान किया जायेगा, लेकिन अबतक विश्वविद्यालय द्वारा मानदेय भुगतान को लेकर कोई प्रयास नहीं किया गया है. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि मानदेय भुगतान की मांग को लेकर अब गुरुवार से आउटसोर्सिंग कर्मी विश्वविद्यालय के समक्ष धरने पर बैठेंगे.

कहते हैं कुलसचिव

कुलसचिव कर्नल विजय कुमार ठाकुर ने बताया कि नये एजेंसी के चयन को लेकर कुलपति द्वारा स्वीकृति दी गयी है. जल्द ही नये एजेंसी को कार्य देकर आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय का भुगतान किया जायेगा.

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By AMIT JHA

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