मुंगेर में चाईल्ड लेबर पर बड़ा एक्शन, होटल-गैराजों में छापेमारी कर पांच बच्चों को कराया गया मुक्त

Munger News: मुंगेर में दुकानों, होटल और गैराजों में काम कर रहे मासूमों पर प्रशासन का बड़ा अभियान, बाल श्रम कराने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

Munger News: मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट : मुंगेर में बाल श्रम के खिलाफ शनिवार को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बाल श्रमिकों को मुक्त कराया. सदर मुंगेर प्रखंड क्षेत्र में चलाए गए विशेष धावा दल अभियान के दौरान होटल, रेस्टोरेंट, दुकान, मॉल और गैराजों में सघन जांच की गई. कार्रवाई के बाद बाल श्रम कराने वाले नियोजकों में हड़कंप मच गया है.

होटल, गैराज और दुकानों में चला विशेष अभियान

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्रम कुमार के नेतृत्व में शनिवार को मुफस्सिल और नया रामनगर थाना क्षेत्र में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया. टीम ने कई प्रतिष्ठानों में पहुंचकर बच्चों से कराए जा रहे काम की जांच की. जांच के दौरान पांच बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है.

अब तक नौ बाल श्रमिकों को कराया गया मुक्त

श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक जिले से कुल नौ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जा चुका है. उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विभाग लगातार अभियान चला रहा है और आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होगी. विभाग का साफ कहना है कि बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है.

नियोजकों पर दर्ज होगी प्राथमिकी

विभाग की ओर से बताया गया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें बाल गृह भेजा गया है.

बाल श्रम कराने वालों पर भारी जुर्माना

श्रम अधीक्षक ने बताया कि बाल श्रमिकों से काम कराने वाले लोगों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अतिरिक्त 20 हजार रुपये की वसूली भी की जाएगी. अभियान में श्रम विभाग, एनजीओ प्रतिनिधि और पुलिस बल की संयुक्त टीम शामिल रही.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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