मुंगेर में गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट तो दर्ज की जा रही है, लेकिन कमी की रफ्तार बेहद धीमी है. गुरुवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 39.86 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 39.33 मीटर से 53 सेंटीमीटर ऊपर है. जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद गांव से लेकर शहर तक बड़ी आबादी अब भी बाढ़ के पानी से घिरी हुई है.
24 घंटे में नहीं, रातभर में सिर्फ दो सेंटीमीटर घटी गंगा
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार रात 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 39.88 मीटर था. इसके बाद रातभर में महज दो सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई और गुरुवार सुबह छह बजे जलस्तर 39.86 मीटर पर पहुंचा. जलस्तर घटने की यह बेहद धीमी रफ्तार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की राह मुश्किल बना रही है.
पानी घटा, लेकिन गांव से शहर तक बाढ़ का असर कायम
गंगा के जलस्तर में मामूली गिरावट के बावजूद मुंगेर सदर, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, असरगंज और हवेली खड़गपुर प्रखंडों के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. मुंगेर नगर निगम क्षेत्र के भी कई हिस्से जलजमाव और बाढ़ की चपेट में हैं. जिले में पांच लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित बतायी जा रही है.
इलाहाबाद-वाराणसी में बढ़ा पानी तो फिर बिगड़ सकती है स्थिति
बाढ़ की स्थिति के बीच एक और चिंता गंगा के ऊपरी हिस्सों में बढ़ते जलस्तर को लेकर है. बताया जा रहा है कि इलाहाबाद और वाराणसी क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर नीचे की ओर पड़ सकता है. ऐसे में मुंगेर में जलस्तर एक बार फिर बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है. इससे पहले से बाढ़ झेल रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
धीमी निकासी से लोगों को राहत के लिए करना होगा इंतजार
जलस्तर खतरे के निशान से अब भी 53 सेंटीमीटर ऊपर है. ऐसे में केवल जलस्तर में मामूली गिरावट से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत मिलना मुश्किल है. निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों से पानी निकलने में समय लग रहा है. कई जगह लोगों को अब भी आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है.
सामुदायिक रसोई और नाव एंबुलेंस से राहत-बचाव जारी
इधर, जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाया जा रहा है. बाढ़ पीड़ितों के लिए सामुदायिक रसोई के माध्यम से पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं पानी में फंसे लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए नाव एंबुलेंस समेत अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
गंगा का पानी घटने की रफ्तार पर टिकी लोगों की नजर
फिलहाल बाढ़ प्रभावित लोगों की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है. जलस्तर में लगातार कमी जारी रहने पर आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद है. लेकिन इलाहाबाद और वाराणसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने की सूचना के बीच स्थानीय प्रशासन और लोगों को आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखना होगा.
