बिहार में रक्षा औद्योगिक गलियारा यानी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित करने की मांग तेज हो गई है. द गन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, मुंगेर के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा. संघ ने उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर बिहार में भी रक्षा विनिर्माण कॉरिडोर विकसित करने के लिए केंद्र सरकार के रक्षा मंत्रालय से तत्काल पहल करने का आग्रह किया है.
मीर कासिम के दौर से हथियार निर्माण की पहचान, अब आधुनिक उद्योग की उम्मीद
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि मीर कासिम के ऐतिहासिक दौर से ही मुंगेर आग्नेयास्त्र निर्माण और सटीक धातु-इंजीनियरिंग के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है. यहां के कारीगरों के पास हथियार निर्माण से जुड़ा पारंपरिक कौशल और वर्षों का अनुभव है.
संघ का कहना है कि इस कौशल को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, प्रमाणीकरण और नीतिगत प्रोत्साहन से जोड़कर मुंगेर को आधुनिक रक्षा विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है. इससे पारंपरिक हुनर को नई दिशा मिलने के साथ स्थानीय उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.
रक्षा उद्योग को आधुनिक स्वरूप मिलने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
एसोसिएशन ने कहा कि रक्षा उद्योग को आधुनिक स्वरूप मिलने से छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों के स्पेयर पार्ट्स के निर्माण एवं निर्यात की संभावनाएं बढ़ेंगी. इससे विदेशी मुद्रा अर्जित करने के साथ राज्य के राजस्व में भी वृद्धि हो सकती है.
प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय कारीगरों और एमएसएमई इकाइयों को सैन्य मानकों के अनुरूप विकसित कर सहायक उद्योगों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा सकता है. इससे मुंगेर और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
भूमि, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए विशेष नीति की मांग
ज्ञापन में भूमि, निवेश, आधारभूत संरचना, तकनीकी सहयोग और स्थानीय इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष नीति बनाने की मांग की गयी है. संघ ने मुख्यमंत्री से शिष्टमंडल को समय देकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने का आग्रह किया है.
एसोसिएशन ने कहा कि मुंगेर व आसपास के क्षेत्रों को केंद्र में रखकर रक्षा गलियारा स्थापित होने से बिहार को देश के रक्षा विनिर्माण मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान मिल सकता है. इसके साथ ही स्थानीय उद्योगों को नई तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा.
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग रहे शामिल
प्रतिनिधिमंडल में संयुक्त सचिव संदीप कुमार शर्मा, मनोहर शर्मा, अजीत कुमार शर्मा, राज कुमार शर्मा, प्रभात कुमार एवं जितेंद्र शर्मा शामिल थे.
