मुंगेर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में की. जहां उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा की उपलब्धि मामले में सूबे में मुंगेर जिले के पहले से दूसरे स्थान पर पहुंचने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई. साथ ही इसे लेकर कई निर्देश दिये. बैठक में जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल में चल रहे डायलासिस सेंटर के कार्यों की सराहना की. हलांकि दवा की उपलब्धता पर मुंगेर जिला के राज्य स्तर में प्रथम से दूसरे स्थान पर आने पर असंतोष व्यक्त किया. साथ ही पुनः पहले पायदान पर रहने को लेकर निर्देशित किया. समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने एचपीभी वैक्सिन लक्ष्य के अनुरूप कम उपलब्धि पर निर्देश दिया कि इसके लिये बच्चियों एवं लोगों के बीच वैक्सिन लगाने के फायदे एवं ससमय नहीं लगाने से होने वाले नुकसान से अवगत करायें. जिससे एचपीपी वैक्सिनेशन में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि प्राप्त की जा सके. जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सख्त निदेश देते हुए प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत टेलिमेडिसिन का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया. साथ ही टेलिमेडिसिन में जितने भी चिकित्सक रजिस्टरर्ड हैं. सभी को टेलिमेडिसिन करने का निर्देश दिया. एसएनसीयू में चिकित्सकों की कमी को दूर कर मृत्यु दर को कम करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये. इस दौरान हवेली खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल में सी-सेक्शन के प्रारंभ होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की. साथ ही कहा कि इस व्यवस्था को जारी रखें तथा स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक इसका लाभ मिले इसका ध्यान रखें. उन्होंने माह में कम से कम 10 सी-सेक्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करें. मौके पर सिविल सर्जन डॉ राजू, डीपीएम मो फैजान आलम अशरफी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे.
दवा उपलब्धता में पहले से दूसरे स्थान पर पहुंचने पर डीएम ने जताई नाराजगी
एसएनसीयू में चिकित्सकों की कमी को दूर कर मृत्यु दर को कम करने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिये. इस दौरान हवेली खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल में सी-सेक्शन के प्रारंभ होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की.
