महाने नदी के पुल का डायवर्सन पानी के तेज बहाव में बहा | Prabhat Khabar Network

तेज धार में दूसरी बार बहा महाने नदी का डायवर्सन, टेटिया बंबर के दर्जनों गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटा

बरसंडा गांव के पास महाने नदी का निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन तेज बहाव में दूसरी बार बह गया है. इससे टेटिया बंबर प्रखंड के दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे ग्रामीणों, छात्रों और शिक्षकों को भारी परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने मजबूत डायवर्सन बनाने की मांग की है.

टेटिया बंबर प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बरसंडा गांव के समीप महाने नदी पर निर्माणाधीन पुल का डायवर्सन रविवार को तेज धार में दूसरी बार पूरी तरह बह गया. डायवर्सन के बह जाने से टेटिया बंबर प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क बाधित हो गया है. इससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

पहले भी बह चुका था डायवर्सन, मरम्मत के बाद फिर टूटा

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले दिनों नदी में तेज रफ्तार से पानी आने के कारण डायवर्सन बह गया था. इसके बाद ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से इसकी मरम्मत कर आवागमन बहाल करने का प्रयास किया गया. लेकिन मरम्मत के दौरान डायवर्सन पर पर्याप्त मात्रा में मिट्टी और मजबूत सामग्री नहीं डाले जाने के कारण वह दोबारा पानी का तेज दबाव नहीं झेल सका और पूरी तरह नदी में बह गया.

थाना, अस्पताल और प्रखंड कार्यालय जाने में बढ़ी परेशानी

डायवर्सन के बह जाने के बाद टेटिया बंबर थाना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रखंड कार्यालय और बाजार जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है. ग्रामीणों को अब अस्पताल, थाना और बाजार पहुंचने के लिए करीब चार किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर लगमा गांव के रास्ते जाना पड़ रहा है. इससे खासकर मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम से प्रखंड मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है.

मजबूत डायवर्सन बनाने की ग्रामीणों ने की मांग

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि डायवर्सन का निर्माण यदि मजबूती से कराया गया होता और पानी के तेज बहाव को ध्यान में रखकर पर्याप्त मिट्टी व अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया गया होता तो दोबारा इसके बहने की स्थिति नहीं बनती. ग्रामीणों ने विभाग से जल्द से जल्द मजबूत डायवर्सन बनाने और आवागमन बहाल करने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है. यदि शीघ्र डायवर्सन को दुरुस्त नहीं किया गया तो प्रखंड मुख्यालय से जुड़े कई गांवों के लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ सकती है.

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लेखक के बारे में

By राणा गौरी शंकर

राणा गौरी शंकर प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक आज से की. अभी प्रभात खबर के मुंगेर कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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