Bus Stand Reality : मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर मुख्यालय स्थित सरकारी बस स्टैंड वर्षों से बदहाल स्थिति में है. यहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूला जाता है और बस स्टैंड की डाक करीब 70 लाख रुपये में होने की बात सामने आ रही है. इसके बावजूद यात्रियों को आज भी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. बरसात के मौसम में पूरा परिसर कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं.
बरसात में बस स्टैंड बना मुसीबत का अड्डा
बारिश के दौरान बस स्टैंड परिसर में जगह-जगह पानी जमा हो जाता है. बड़े-बड़े गड्ढों में भरे पानी और कीचड़ के बीच यात्रियों को बसों तक पहुंचना पड़ता है. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी होती है. वाहन चालकों का कहना है कि नियमित रूप से पार्किंग शुल्क देने के बावजूद उन्हें कोई बेहतर सुविधा नहीं मिलती.
जर्जर भवन और बदहाल सुविधाएं बढ़ा रहीं परेशानी
बस स्टैंड परिसर में बने पुराने भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं. छत से जगह-जगह पानी टपकता है और उस पर घास व पेड़-पौधे उग आए हैं, जिससे भवन की मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं. प्रतीक्षालय में अंधेरा, गंदगी और टूट-फूट का आलम है. यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. वहीं पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाएं भी लगभग नदारद हैं.
70 लाख की डाक के बावजूद नहीं बदली तस्वीर
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सोनू यादव ने बताया कि वर्तमान में हवेली खड़गपुर बस स्टैंड का संचालन जिला परिषद के माध्यम से लगभग 70 लाख रुपये की डाक पर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पहले बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के समय भी यह टेंडर 50 लाख रुपये से अधिक में होता था. इतने बड़े राजस्व के बावजूद यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं आज तक नहीं मिल सकी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है.
स्थानीय लोगों ने उठाई सुधार की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बस स्टैंड से हर साल लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, तो परिसर का नियमित रखरखाव, जलनिकासी व्यवस्था, भवन की मरम्मत, स्वच्छ प्रतीक्षालय, पेयजल, शौचालय और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए. लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द ठोस कदम उठाकर बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है.
