हवेली खड़गपुर (मुंगेर) . राज्य सरकार की ओर से तीन अगस्त से जमीन व संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू किये जाने के बाद हवेली खड़गपुर अवर निबंधन कार्यालय में निबंधन कार्य पूरी तरह ठप है. नयी व्यवस्था के विरोध में कातिब लगातार हड़ताल पर हैं. स्थिति यह है कि तीन अगस्त से शनिवार तक कार्यालय में एक भी पेपरलेस निबंधन नहीं हो सका है. इससे जमीन की खरीद-बिक्री कराने वाले लोगों को परेशानी हो रही है, वहीं स्टांप एवं निबंधन शुल्क के रूप में सरकार को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है. चहल-पहल की जगह पसरा सन्नाटा सामान्य दिनों में हवेली खड़गपुर अवर निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर क्रेता-विक्रेता, गवाह और कातिबों की भीड़ रहती थी. प्रतिदिन दर्जनों दस्तावेजों का निबंधन होता था. लेकिन पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद कातिबों के हड़ताल पर चले जाने से कार्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा है. पेपरलेस निबंधन के माध्यम से विभाग का उद्देश्य जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाने, कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम करने तथा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है. दूसरी ओर कातिब नयी व्यवस्था में व्यावहारिक कठिनाइयों और अपने रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर विरोध कर रहे हैं. कातिब बोले- कई बिंदुओं पर स्पष्टता जरूरी कातिब प्रताप यादव एवं सुजीत झा ने कहा कि दशकों से कातिब जमीन निबंधन से संबंधित दस्तावेज तैयार करते आ रहे हैं. इसमें पुराने दस्तावेज, चौहद्दी, स्वामित्व सहित जमीन से संबंधित कई महत्वपूर्ण विवरण शामिल किये जाते हैं. उनका कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था में सभी प्रकार के भौतिक दस्तावेज और जमीन से संबंधित विस्तृत विवरण को समाहित करने को लेकर कई व्यावहारिक कठिनाइयां हैं. उन्होंने कहा कि नयी व्यवस्था से वर्षों से दस्तावेज लेखन से जुड़े कातिबों और उनके परिवारों की आजीविका पर संकट उत्पन्न होने की आशंका है. हवेली खड़गपुर निबंधन कार्यालय के सभी कातिब हड़ताल पर हैं और सरकार से पुरानी व्यवस्था बहाल करने अथवा नयी व्यवस्था में कातिबों की भूमिका और आजीविका सुरक्षित करने की मांग कर रहे हैं.
कार्यालय पूरी तरह तैयार, लेकिन नहीं हो रहा निबंधन : खुशबू कुमारी अवर निबंधन पदाधिकारी खुशबू कुमारी ने कहा कि विभागीय निर्देश के आलोक में तीन अगस्त से पेपरलेस जमीन निबंधन के लिए हवेली खड़गपुर कार्यालय पूरी तरह तैयार है. लेकिन तीन अगस्त से शनिवार तक एक भी पेपरलेस निबंधन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कातिबों की हड़ताल के कारण क्रेता-विक्रेता को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे निबंधन कार्य प्रभावित है. उन्होंने कहा कि नयी पेपरलेस व्यवस्था पूर्व की व्यवस्था की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी है तथा कार्यालय निबंधन के लिए पूरी तरह तैयार है.
