हवेली खड़गपुर (मुंगेर). दरियापुर पंचायत के छोटी मधुबन गांव में करमा-धरमा पर्व को लेकर विशेष आयोजन किया गया. मृदंग की थाप के साथ पारंपरिक गीत और नृत्य का दौर शुरू हुआ, जिससे पूरा गांव उत्सवी माहौल में डूब गया. कार्यक्रम में राजद प्रखंड अध्यक्ष विपिन खिरहरी और जदयू नेता मनोज कुमार रघु भी मौजूद रहे.
पूजा-अर्चना के साथ लोकगीत और नृत्य
करमा-धरमा पर्व के अवसर पर संथाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से लोकगीत गाए और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया. मृदंग की थाप और लोकधुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना रहा.
भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है पर्व
ग्रामीणों ने बताया कि करमा-धरमा पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है. यह पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करता है.
संथाली संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखने पर जोर
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि संथाली समाज सदियों से अपनी समृद्ध परंपरा, लोकगीत, नृत्य और संस्कृति को संरक्षित रखता आया है. पारंपरिक पर्वों के आयोजन से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है.
सुख-समृद्धि की कामना के साथ मनाया पर्व
पर्व के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की. ग्रामीणों ने भी आयोजन में भाग लेकर संथाली संस्कृति की जीवंत झलक देखी. देर शाम तक गांव में गीत-संगीत और नृत्य का दौर चलता रहा.
बड़ी संख्या में महिला-पुरुष रहे मौजूद
मौके पर पंकज दिवाकर, बौकु मंडल, भीम मंडल, मनोज यादव, संजय यादव, अकलू बेसरा, गणेश टुडू, भगवान मुर्मू, मुंशी बेसरा, श्याम बेसरा, सरिता देवी, पूनम देवी, झुमरी देवी, सुखदेव बेसरा सहित बड़ी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष मौजूद रहे.
