मुंगेर मुंगेर के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी किरण कुमारी की कार्यशैली के विरोध में मुंगेर विधिज्ञ संघ ने उनकी अदालत का दो दिनों तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय गुरुवार को विधिज्ञ संघ के सभागार में आयोजित आमसभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया. बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष शशि शेखर प्रसाद सिंह ने की. बैठक में बिहार विधिज्ञ संघ के सदस्य रामचरित्र प्रसाद यादव सहित अन्य मुख्य रूप से मौजुद थे. बैठक में संघ के महासचिव त्रिपुरारी कुमार वर्मा ने किरण कुमारी की अदालत का एक सप्ताह तक बहिष्कार करने का प्रस्ताव रखा. वहीं संघ के अध्यक्ष ने दो दिनों के बहिष्कार का सुझाव दिया. इस पर आम सहमति बनने के बाद 15 एवं 16 जून को न्यायिक दंडाधिकारी किरण कुमारी की अदालत का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया. बैठक के दौरान परिवार न्यायालय के बहिष्कार का मुद्दा भी उठा. हालांकि महासचिव ने स्पष्ट किया कि वर्तमान आमसभा की बैठक केवल न्यायिक दंडाधिकारी किरण कुमारी की अदालत से संबंधित शिकायतों पर बुलाई गई है. परिवार न्यायालय के संबंध में यदि अधिवक्ताओं की ओर से शिकायत प्राप्त होती है, तो उस विषय पर अलग से आमसभा में विचार किया जाएगा. अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व में जिला जज एवं उच्च न्यायालय स्तर पर शिकायत किए जाने के बावजूद न्यायिक दंडाधिकारी की कार्यप्रणाली एवं व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है. इसी कारण बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी. आमसभा में अदालत द्वारा कथित रूप से अव्यवहारिक एवं विधि-विरुद्ध कार्य करने, अधिवक्ताओं के साथ अशोभनीय भाषा के प्रयोग, जमानतीय धाराओं में अभियुक्तों को जेल भेजने की धमकी देने सहित अन्य आरोप लगाये गये.
न्यायिक दंडाधिकारी किरण कुमारी की अदालत के दो दिवसीय बहिष्कार का निर्णय
सरकारी मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान के बदले तैयार चावल को समय पर एसएफसी गोदाम तक पहुंचाने में कई मिलर फिसड्डी साबित हो रहे हैं. सहकारिता विभाग ने ऐसे मिलरों को 30 जून तक हर हाल में शत-प्रतिशत चावल उपलब्ध कराने का अंतिम निर्देश दिया है.
