1853 में बना जुबली बेल रेलवे पुल बना इतिहास

– डिमालिश का कार्य शुरू, मेगा ब्लॉक लेकर अलग-अलग चरणों में सुपर स्ट्रक्चर हटाने का कार्य जारी

– डिमालिश का कार्य शुरू, मेगा ब्लॉक लेकर अलग-अलग चरणों में सुपर स्ट्रक्चर हटाने का कार्य जारी

-सुपर स्ट्रक्चर हटाने के लिए एजेंसी से 300 टन क्षमता वाला क्रेन मंगाया

गैस कटर से काटकर को हटाये जा रहे है पुल का हिस्सा

जमालपुर. अंग्रेजों के समय का बना जमालपुर के जुबली वेल रेलवे पुल को डिमोलिश करने का कार्य सोमवार की देर रात्रि से आरंभ किया गया है. डिमोलिशन कार्य अलग-अलग चरणों में किया जा रहा है. रात में मेगा ब्लॉक लेकर अलग-अलग चरणों में सुपर स्ट्रक्चर हटाने का कार्य किया जा रहा है. हालांकि इसके कारण न तो ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ है और न ही लोगों की आवाजाही पर कोई असर पड़ा है.

ईस्ट इंडिया कंपनी ने बनाया था रेलवे ओवर ब्रिज

जुबली वेल पर स्थित रेलवे के ओवर ब्रिज संख्या 215 जुबली वेल बड़ा पुल का निर्माण अंग्रेजी शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा किया गया था. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस पुल का निर्माण 1853 ई के आसपास किया गया था. उस समय तक लोहे के पुल बनाने का चलन आरंभ हो गया था. रेलवे के अनुसार 100 वर्ष पूरे हो जाने वाले पुल को सुरक्षित नहीं समझा जाता है और इस पुल का लगभग डेढ़ सौ वर्ष से अधिक हो चुका था. ऐसे में वर्ष 2016 के पहले से ही इस पुराने पुल को हटाने की प्रक्रिया आरंभ हो गयी थी. इस बीच पुल के समानांतर एक दूसरा पुल का निर्माण किया गया. नये पुल की विशेषता यह है कि उसमें कोई भी पिलर नहीं दिया गया है.

मध्य रात्रि 23:15 बजे से 1:15 बजे तक लिया गया मेगा ब्लॉक

जुबली बेल बड़ी पुल के डिमोलिशन के लिए मेगा ब्लॉक रात्रि में लिया जा जायेगा. इसे लेकर सोमवार की रात्रि 11:15 बजे से 1:15 बजे तक मेगा ब्लॉक लिया गया था. जानकारी में बताया गया कि पुल के डिमोलिशन कार्य को देखते हुए अगले कई दिनों तक रात में ही मेगा ब्लॉक लिया जायेगा. सुपर स्ट्रक्चर हटाने के सिलसिले में बताया गया कि इस दौरान प्राइवेट एजेंसी से 300 टन क्षमता वाला क्रेन मंगाया जायेगा. जिसकी सहायता से इस पुल के बड़े गार्डर को हटाया जायेगा. वर्तमान में गैस कटर से काटकर पुल के हिस्से को हटाया जा रहा है.

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By Prabhat khabar news desk

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