जीविका दीदियां बनीं सामाजिक व आर्थिक परिर्वतन की मजबूत स्तंभ : डीएम
जिलाधिकारी निखिल धनराज व एसबीआइ के महाप्रबंधक नटराजन ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन
जीविका-एसबीआई ऋण वितरण शिविर में 11 करोड़ रुपये का ऋण वितरित
मुंगेर. जीविका व भारतीय स्टेट बैंक के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को मुंगेर क्लब परिसर में ऋण वितरण शिविर का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज व एसबीआइ के महाप्रबंधक नटराजन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. जिले की एसबीआइ की सभी शाखाओं के माध्यम से कुल 11 करोड़ रुपये का ऋण जीविका दीदियों को प्रदान किया गया.जिलाधिकारी ने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाएं आज सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की मजबूत स्तंभ बन चुकी हैं. जीविका दीदियां निरंतर आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवार, समाज तथा जिले का नाम रोशन कर रही हैं. उन्होंने आशा व्यक्त की कि दीदियां अपने कार्यों के माध्यम से न केवल अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगी, बल्कि अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी संवारेंगी. एसबीआइ के महाप्रबंधक ने कहा कि बैंक जीविका समूहों के साथ निरंतर सहयोग कर रहा है. स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि दीदियों को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके और वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें. बैंक भविष्य में भी जीविका के साथ मिलकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कार्य करता रहेगा. मशरूम लेडी के नाम से प्रसिद्ध राष्ट्रपति जीविका दीदी वीणा देवी ने भी अपने अनुभव साझा किये. हवेली खड़गपुर की सुनीता दीदी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है. जीविका डीपीएम ने बताया कि जीविका परियोजना की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को एक मंच देने के उद्देश्य से की गयी है, ताकि वे अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और आगे बढ़ सकें. वर्तमान में मुंगेर जिले में कुल 15,300 दीदियां जीविका से जुड़ी हुई हैं.
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