जमालपुर स्टेशन पर लगेज स्कैनर बना शोपीस, श्रावणी मेला से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जमालपुर रेलवे स्टेशन का लगेज स्कैनर अधिकांश समय बंद रहने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. श्रावणी मेले से पहले यह स्थिति चिंताजनक है. आरपीएफ ने इस पर सफाई दी है.

Railway Security: जमालपुर. मालदा रेल मंडल के अंतर्गत साहिबगंज लूप लाइन पर स्थित जमालपुर रेलवे स्टेशन इस रेलखंड का प्रमुख स्टेशन माना जाता है. यहां से प्रतिदिन लगभग छह दर्जन ट्रेनों का परिचालन होता है. इसके बावजूद स्टेशन के मुख्य प्रवेश एवं विकास द्वार पर लगा लगेज स्कैनर मशीन अधिकांश समय उपयोग में नहीं होने का आरोप लग रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.

मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा स्कैनर नहीं कर पा रहा नियमित जांच

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगेज स्कैनर मशीन पर नियमित रूप से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं रहती. इसके कारण यात्रियों के सामान की स्कैनिंग नहीं हो पाती और लोग बिना जांच के ही स्टेशन परिसर में प्रवेश कर जाते हैं.

श्रावणी मेला से पहले बढ़ी चिंता

कुछ ही दिनों में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने वाला है. इस दौरान जमालपुर स्टेशन पर बड़ी संख्या में कांवरियों और अन्य रेल यात्रियों की भीड़ उमड़ती है. ऐसे समय में लगेज स्कैनर का प्रभावी उपयोग नहीं होना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है.

पहले डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी हट चुका है

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले स्टेशन पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर भी लगाया गया था, लेकिन अब वह भी मौजूद नहीं है. वहीं पूर्व में लगेज स्कैनर की सहायता से अवैध हथियार बरामद होने की घटना भी सामने आ चुकी है. इसके बावजूद सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण उपयोग नहीं होना सवाल खड़े कर रहा है.

आरपीएफ ने दिया स्पष्टीकरण

Railway Security: इस संबंध में आरपीएफ प्रभारी सुजीत कुमार यादव ने बताया कि लगेज स्कैनर मशीन पूरी तरह चालू है. उन्होंने कहा कि समय-समय पर मशीन का मेंटेनेंस किया जाता है, जिसके दौरान उसे अस्थायी रूप से बंद रखना पड़ता है. उनके अनुसार मशीन का नियमित रूप से संचालन किया जाता है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है.


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By विजय कुमार गुप्ता

विजय कुमार गुप्ता 20 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ये सामाजिक, राजनीतिक और आपराधिक नब्ज को करीब से समझते हैं. इन्हें डिजिटल मीडिया में नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल के साथ प्रयोग करना बेहद पसंद है.

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