मुंगेर से अमित कुमार झा की रिपोर्ट. जिले में हीट वेव (लू) की चुनौतियों से निपटने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने संभावित बाढ़ और डेंगू के खतरे को देखते हुए अपनी कमर कस ली है. शनिवार को पूरे जिले में ‘राष्ट्रीय डेंगू दिवस’ मनाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को इस जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूक करना है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर
मुंगेर जिला भौगोलिक रूप से हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलता है. विभाग ने उन क्षेत्रों को चिह्नित किया है जो सबसे अधिक संवेदनशील हैं:
- प्रभावित प्रखंड: मुंगेर सदर, जमालपुर, बरियारपुर, धरहरा और हवेली खड़गपुर.
- खतरा: बाढ़ के बाद होने वाले जलजमाव और गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है, जिससे डेंगू फैलने की प्रबल आशंका रहती है. पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, इन्हीं क्षेत्रों में डेंगू के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए थे.
सिविल सर्जन के निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई मुख्य तैयारियां निम्नलिखित हैं:
- दवा और जांच: सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू की जांच किट और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
- जागरूकता अभियान: शनिवार से विशेष अभियान चलाकर लोगों को डेंगू के लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में बताया जाएगा.
- साफ-सफाई की अपील: स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास, कूलर, गमलों या पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें.
अस्पतालों में ‘हीट वेव’ के लिए पहले से ही विशेष वार्ड और व्यवस्थाएं की गई हैं, और अब स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह से मानसूनी बीमारियों और बाढ़ जनित आपदाओं से निपटने के लिए तैयार है.
