वार्निंग लेबल की ओर प्रति घंटा 3 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

जिसके कारण गंगा का जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है.

मुंगेर

मुंगेर में गंगा का वाटर लेबल तेजी से वार्निंग लेबल की ओर बढ़ रहा है. बुधवार को प्रति घंटा 3 सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है. जिसके कारण संभावित बाढ़ का खतरा मुंगेर जिले में दिखने लगा है और दियारा में बसे लोगों में चिंता बढ़ रही है. जबकि प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत व बचाव को लेकर की गयी तैयारियों का रिवाइज किया जा रहा है.

प्रति घंटा 3 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा वाटर लेबल

मुंगेर में प्रति घंटा तीन सेंटी मीटर के हिसाब से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है. बुधवार को आपदा विभाग ने वाटर लेबल को लेकर जो बुलेटिन जारी किया है. उसके अनुसार बुधवार की सुबह 6 बजे 36.94 मीटर पर थी और सुबह 10 बजे यह बढ़ कर 37.3 मीटर पर पहुंच गयी. जबकि अपराह्न 2 बजे वाटर लेबल 37.15 मीटर पर पहुंच चुका था. जानकारी के अनुसार ऊपर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि मुंगेर में मंगलवार की रात जमकर बारिश हुई. जिसके कारण गंगा का जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि अगर इसी रफ्तार से वाटर लेबल बढ़ता रहा तो तीन-चार दिनों में वार्निंग लेबर 38.33 मीटर को पार कर लेंगी और बाढ़ की समस्या जिले में उत्पन्न हो जायेगी. हालांकि खतरा का निशान 39.33 है. जिसे छूने में अभी वाटर लेबल को वक्त लग सकता है.

संभावित बाढ़ ने बढ़ाया दियारा वासियों का टेंशन

यूं तो दियारा में बसे लोगों को हर साल बाढ़ का सामना करना पड़ता है. जिसमें जान-माल की बड़ी क्षति होती है और खानाबदहोश की जिंदगी उनको जीना पड़ता है. यही कारण है कि संभावित बाढ़ ने दियारा में बसे लोगों को टेंशन में डाल दिया है. जानकारी के टीकारामपुर, कुतलुपुर, जनमडिगरी, सीताचरण में बसे लोग संभावित खतरों से चिंता में हैं और अभी से ही वे दहशत में आ गये है. गंगा किनारे बसे सीताचरण दियारा क्षेत्र में तेजी से पानी का फैलाव हो रहा है.

सीताकुंड डीह गांव में सटी गंगा, मच सकती है तबाही

गंगा किनारे बसे सीताकुंड डीह गांव में गंगा पूरी तरह से सट गयी है. जो पक्की संरचना को भी क्षतिग्रस्त करने लगी है. कई जगहों पर पक्की संरचना में दरार आ गयी है. जो गंगा के गर्भ में कभी भी समा सकता है. इतना ही नहीं गंगा किनारे कई पक्का का घर है. जिसके नीचे गंगा का पानी आ गया है. अगर बाढ़ के कारण कटाव की समस्या उत्पन्न हुई तो कई घर गंगा के गर्भ में समा जायेगा. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग किया कि कटाव से बचाने के लिए एहतियात कदम उठाया जाए. ताकि घर-मकान गंगा में समाने से बच सके.

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Published by: Birendra kumar sing

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