एएसआइ संतोष सिंह हत्याकांड में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित

एएसआइ संतोष सिंह हत्याकांड में मुफस्सिल थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित

मुंगेर. मुफस्सिल थाना के सहायक पुलिस अवर निरीक्षक संतोष कुमार सिंह हत्याकांड में जहां एक ओर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित पति-पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस का इंसास छीन कर भाग रहे एक आरोपित पुलिस की गोली से घायल है. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महकमा ने लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता के आरोप में मुफस्सिल के थानाध्यक्ष चंदन कुमार सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. घटना को लेकर पुलिस महकमा शोकाकुल है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में शुक्रवार की शाम होली खेलने के दौरान रणवीर यादव और सौरभ यादव के परिवार के बीच मारपीट की घटना हुई. सूचना पर मुफस्सिल थाना के डायल-112 की टीम जमादार संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में नंदलालपुर गांव झगड़ा शांत कराने पहुंचे. रणवीर यादव के घर पर जमादार मामले की जानकारी ले रहे थे, तभी उसके घर वालों ने लाठी-डंडा, लोहे के रॉड, लोहा का दबिया से ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया. दबिया के प्रहार से संतोष कुमार सिंह का सिर फट गया और वे रणवीर के आंगन में ही गिर गये. साथ गये दूसरे पुलिसकर्मी किसी तरह जान बचा कर मुख्य सड़क पर आये और घटना की सूचना मुफस्सिल थाना पुलिस को दी. मुफस्सिल थाना की गश्त टीम दल-बल के साथ पहुंची और घायल जमादार को उठा कर सदर अस्पताल लाया. जहां से उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. लेकिन उसकी गंभीर स्थिति के कारण उसे पटना रेफर कर दिया गया. जहां शनिवार की तड़के निजी नर्सिंग होम में उनकी मौत हो गयी. इधर, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रणवीर यादव, उसकी पत्नी मौसम कुमारी, विकास यादव, एवं गुड्डू यादव को गिरफ्तार किया है. जबकि राजु यादव सहित अन्य अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.

कहते हैं डीआइजी

डीआइजी राकेश कुमार ने बताया कि इस घटना में मुफस्सिल थानाध्यक्ष, ओडी ड्यूटी में तैनात पुलिस पदाधिकारी व अन्य पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही दिखी है. अगर इन लोगों द्वारा समय पर कार्रवाई की गयी होती तो शायद जमादार की जान बच सकती थी. उनके द्वारा थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जबकि अन्य पर कार्रवाई के लिए एसपी को आदेश दिया गया है. उन्होंने जमादार हत्याकांड के आरोपी राजू यादव सहित अन्य को आगाह किया कि 24 घंटे के अंदर खुद को थाना अथवा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दे. नहीं तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

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By Sugam

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