Exclusive: जमीन के पेच में फंसा कोतवाली और सफियासराय थाने का भवन निर्माण, जर्जर भवन बना पुलिसकर्मियों के लिए खतरा

Exclusive: कोतवाली थाना और एनएच-80 पर स्थित सफियासराय थाना भवन का निर्माण कार्य जमीन के पेच में फंसा हुआ है. इधर, जर्जर भवन में पुलिसकर्मी रहने को मजबूर है.

Exclusive: वीरेंद्र कुमार सिंह/ मुंगेर जिले के अधिकांश थानों को अपना भवन मिल चुका है. शीघ्र ही ईस्ट कॉलोनी व नयारामनगर थाने को भी अपना भवन मिल जाएगा. पर, जिला मुख्यालय का कोतवाली थाना और एनएच-80 पर स्थित सफियासराय थाना भवन का निर्माण कार्य जमीन के पेच में फंस गया है, जिसका वर्षों से हल नहीं निकल पा रहा है. इसके कारण इन थानों में काम करने वाले पुलिस पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है.

जर्जर भवन में चल रहा कोतवाली थाना

मुंगेर जिले में 26 थाने हैं. इसमें कोतवाली थाना काफी अहम है, लेकिन इसके भवन की स्थित काफी खराब है. भवन जहां पूरी तरह से जर्जर हो गया है, वहीं कमरों का अभाव है. मूलभूत सुविधा तक यहां व्यवस्थित नहीं है. इसके कारण पुलिसकर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हालांकि कोतवाली थाने के भवन निर्माण को लेकर लंबे समय से बात चल रही है. कई बार पुलिस अधीक्षक स्तर से इसके निर्माण के लिए प्रस्ताव भी मुख्यालय को भेजा गया. बताया जाता है कि मॉडल थाना भवन के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता है, उसमें थाना से सटे मस्जिद की जमीन का पेच फसा है. इसके कारण आज तक थाना भवन निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पायी है.

किराये के मकान में चल रहा सफियासराय थाना

कुछ ऐसा ही हाल सफियासराय थाने के साथ भी है, जो आज भी एनएच-80 पर सफियासराय चौक पर किराये के मकान में चल रहा है. यह सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील है. यहां मूलभूत सुविधाओं तक के लिए पुलिसकर्मियों को जद्दोजहद करनी पड़ती है. हालांकि सफियासराय थाना भवन निर्माण के लिए एनएच-80 पर ही डकरा नाला दुर्गा स्थान के समीप जमीन का चयन किया गया है. सूत्रों की मानें, तो एनओसी के चक्कर में पूरा का पूरा मामला फंसा हुआ है.

दो थानों के भवन का चल रहा निर्माण कार्य

भूमिहीन व भवनहीन थानों को अपना भवन उपलब्ध कराने के लिए सरकार के निर्देश पर बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम भवन का निर्माण करा रहा है. वर्तमान समय में जिले के नयारामनगर और ईस्ट कॉलोनी थाना भवन का निर्माण कार्य चल रहा है. ईस्ट कॉलोनी थाना भवन 34 वर्षों से पीडब्ल्यूडी के जर्जर भवन में चल रहा है, जबकि नयारामनगर थाना भवन राष्ट्रीय उच्च पथ-80 पर जानकीनगर पंचायत के एक सरकारी भवन में चल रहा है. दोनों थानों को शीघ्र ही भवन उपलब्ध हो जायेगा. नयारामनगर थाना भवन का निर्माण कार्य एसबीएन कॉलेज गढ़ीरामपुर के पास कराया जा रहा है, जबकि ईस्ट कॉलोनी थाना भवन का निर्माण डीडी तुलसी रोड स्थित बीएमपी नाइन के समादेष्टा के आवास को तोड़ कर कराया जा रहा है. अभियंताओं ने बताया कि आधुनिक जरूरत के हिसाब से थाने के लिए बहुमंजिली इमारत का निर्माण किया जा रहा है. इन थानों में अलग वर्क स्टेशन के साथ ही गवाहों से पूछताछ, अनुसंधान और रिकॉर्ड रखने के लिए अलग-अलग कमरे होंगे. साथ ही पुलिसकर्मियों के रहने की भी सुविधा होगी.

जमीन के पेच को जल्द सुलझाया जाएगा : डीआइजी

डीआइजी राकेश कुमार ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने कोतवाली थाने का निरीक्षण किया था. भवन जर्जर है और कमरों का भी अभाव है. इस थाना भवन निर्माण में जमीन का मामला फंसने से समस्या उत्पन्न हुई है. जमीन की समस्या को शीघ्र दूर किया जाएगा, ताकि थाने के भवन का निर्माण कार्य शुरू हो सके. सफियासराय थाने के भवन के लिए जमीन का चयन किया जा चुका है.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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