मॉडल अस्पताल के लिफ्ट में 20 मिनट फंसे रहे इंजीनियर व अन्य

सदर अस्पताल में 32 करोड़ की लागत से बने मॉडल अस्पताल में सोमवार से आंशिक रूप से इमरजेंसी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गयी है.

मुंगेर. सदर अस्पताल में 32 करोड़ की लागत से बने मॉडल अस्पताल में सोमवार से आंशिक रूप से इमरजेंसी को शिफ्ट करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गयी है. इस बीच सोमवार की दोपहर मॉडल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी मच गयी. जब ग्राउंड फ्लोर के लिफ्ट का दरवाजा बंद हो जाने के कारण बीएमएसआइसीएल के इंजीनियर चंदन कुमार, अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन दशरथ कुमार सहित अन्य फंस गये. बताया गया कि मॉडल अस्पताल में सामान शिफ्ट करने के दौरान इंजीनियर चंदन कुमार, इलेक्ट्रिशियन दशरथ कुमार, डाटा ऑपरेटर सौरभ कुमार आदि ग्राउंड फ्लोर के लिफ्ट पर चढ़े. जिसके बाद लिफ्ट का गेट बंद हो गया. इस बीच तीसरे फ्लोर पर काम कर रहे मजदूर ने ऊपर के लिफ्ट के गेट पर सीमेंट का बोरा रख दिया. जिसके कारण ग्राउंड फ्लोर के लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुल पाया. इसी बीच लिफ्ट में फंसे लोगों ने फोन से इसकी सूचना दूसरों को दी. जिसके बाद लोगों ने ऊपरी तल पर जाकर जांच की. जहां लिफ्ट के गेट से सीमेंट के बोरे को हटाया गया. बताया गया कि इस दौरान लगभग 20 मिनट तक सभी लिफ्ट के अंदर ही फंसे रहे.

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By RANA GAURI SHAN

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