बरियारपुर (मुंगेर). केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 48वीं वाहिनी में कार्यरत बरियारपुर बस्ती निवासी 54 वर्षीय अमरेश कुमार के निधन पर पूरा क्षेत्र गमगीन है. शनिवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने उनके शव यात्रा में शामिल होकर नम आंखों से विदाई दी. पत्नी माला कुमारी का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं उसे गर्व भी है कि देश की सेवा करते हुए उसके पति शहीद हो गये. मृतक अपने पीछे अपनी पत्नी सहित 20 वर्षीय पुत्री दीक्षा कुमारी को छोड़ गए हैं. अमरेश कुमार 48 वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में जीराबाग से इंफाल तक ड्यूटी पर नियुक्त
जीराबाग से इंफाल तक ड्यूटी पर थे नियुक्त
थे. 16 जुलाई को ड्यूटी करते हुए उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसे तत्काल चिकित्सा के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया. इलाज के क्रम में ही 22 जुलाई को उनका निधन हो गया. वे मधुमेह बीमारी से पीड़ित थे. सीआरपीएफ के जवानों ने उनके शव को लेकर एरोप्लेन से पटना तक आए और पटना से सड़क मार्ग के द्वारा बरियारपुर बस्ती उनके घर तक पहुंचे.
ग्रामीणों ने फूलों के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की
घर पहुंचते ही सैकड़ो की संख्या में जनप्रतिनिधि से लेकर ग्रामीणों ने फूलों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया. मृतक के परिजनों ने बैंड बाजा के साथ मृतक के शव को ब्रह्मस्थान से बरियारपुर बाजार तक भ्रमण कराते हुए वापसी में फुलकिया गांव होते हुए कल्याण टोला गंगा घाट पर पहुंचकर उनका अंतिम संस्कार किया. शव यात्रा के दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सहित स्थानीय पुलिस बल एवं सीआरपीएफ के जवान थे.
