भाकपा माले ने निकाला युद्ध विरोधी व साम्राज्यवाद विरोधी मार्च

भाकपा-माले व इंकलाब नौजवान सभा के संयुक्त बैनर तले मंगलवार को युद्ध विरोधी व साम्राज्यवाद विरोधी मार्च निकाला गया.

मुंगेर. भाकपा-माले व इंकलाब नौजवान सभा के संयुक्त बैनर तले मंगलवार को युद्ध विरोधी व साम्राज्यवाद विरोधी मार्च निकाला गया. जो सदर अस्पताल मोड़ से जुलूस की शक्ल में भगत सिंह चौक पर पहुंच कर समाप्त हुआ. जिसका नेतृत्व भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य सरोज चौबे, व्यवसायी संघ के नेता लखन कुमार, आरवाइए नेता सुमित कुमार, आईटीसी मजदूर नेता जयंत शर्मा, स्कीम वर्कर्स नेत्री गीता देवी, भीम यादव, अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से किया. विरोध मार्च में शामिल लोग अमेरिका-इजरायल ईरान पर तत्काल हमला करना बंद करो, युद्ध नहीं शांति चाहिए, अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद, मोदी सरकार चुप्पी तोड़ो, अमेरिका तेल के लिए दुनिया को तबाह करना बंद करो के नारे लगा रहे थे. वक्ताओं ने कहा कि भाकपा-माले 23 मार्च भगत सिंह की शहादत दिवस से चंद्र शेखर आजाद, श्याम नारायण यादव व भुटेली मियां की शहादत दिवस तक युद्ध विरोधी व साम्राज्यवाद विरोधी सप्ताह का आयोजन किया है. जिसके तहत यह विरोध मार्च निकाला गया. सरोज चौबे ने कहा कि अमेरिका व इजरायल ने ईरान पर तेल की लालच में एक अन्यायपूर्ण युद्ध छेड़ दिया है. जिसमें स्कूली बच्चे शहीद किये जा रहे हैं. अयातुल्ला खोमैनी के परिवार के कई सदस्य मार दिये गये. इस मानवता विरोधी युद्ध का पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है. खुद अमेरिका में नो किंग्स का नारा लग रहा है. भारत सरकार ने गुटनिरपेक्ष नीति को तिलांजलि देते हुए अमेरिका व इजरायल के पक्ष में चुप्पी साध रखी है. इस युद्ध के खिलाफ व्यापक जनता को विरोध करना चाहिए. नेताओं ने कहा कि यु्द्ध का दुष्प्रभाव दिखने लगा है. गैस की किल्लत हो रही है. मंहगाई बढ़ रही है. फैक्टिरियां बंद हो रही हैं. मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं.

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Published by: Birendra kumar sing

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