6 से 20 मार्च तक चले परिवार नियोजन पखवाड़ा में 80 लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 3 पुरुषों की नसबंदी
मुंगेर. स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयास के बावजूद मुंगेर परिवार नियोजन कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहा है. इस कारण प्रत्येक परिवार नियोजन पखवाड़ा में मुंगेर स्वास्थ्य विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे रह रहा है. इसका अंदाजा केवल इसी से लगाया जा सकता है कि 6 से 20 मार्च तक चले परिवार नियोजन पखवाड़ा में मुंगेर जिले की उपलब्धि मात्र 33 प्रतिशत ही रही.पखवाड़ा में मात्र 325 महिला बंध्याकरण और 3 पुरुष नसबंदी
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 6 से 20 मार्च तक परिवार नियोजन पखवाड़ा चलाया गया. इस दौरान विभाग ने कुल 1 हजार महिला बंध्याकरण और 80 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य मिला था, लेकिन परिवार नियोजन पखवाड़ा में मुंगेर स्वास्थ्य विभाग जहां एक हजार महिला नसबंदी के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 325 महिलाओं का ही बंध्याकरण कर पाया. वही 80 पुरुष नसबंदी के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 3 की उपलब्धि ही हासिल कर पाया. कुल मिलाकर कर देखा जाये तो इस परिवार नियोजन पखवाड़ा में महिला बंध्याकरण में कुल उपलब्धि जहां 33 प्रतिशत रही. वही पुरुष नसबंदी में कुल उपलब्धि मात्र 4 प्रतिशत ही रह गया.
लंबी तैयारी, बावजूद नहीं हासिल हो रही उपलब्धि
स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवार नियोजन पखवाड़ा एक वित्तीय वर्ष में कुल चार बार चलाया जाता है. इसके लिये प्रत्येक परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर लंबी तैयारी की जाती है. 6 से 20 मार्च तक चले परिवार नियोजन पखवाड़ा के पूर्व भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 से 21 फरवरी तक पखवाड़ा का पूर्व योजना बनाया गया, जबकि 23 फरवरी से 5 मार्च तक दंपती संपर्क सप्ताह मनाया गया. इस दौरान आशा द्वारा गृह भ्रमण कर योग्य दांपतियों को चिह्नित कर उनका रजिस्ट्रेशन किया गया. साथ ही सारथी रथ द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया, लेकिन इसके बावजूद परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान जिले की उपलब्धि मात्र 33 प्रतिशत ही रही.
कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि परिवार नियोजन पखवाड़ा को लेकर समीक्षा की जायेगी. इस दौरान कहां कमी रही. इसकी समीक्षा की जायेगी, ताकि कार्यक्रम के लक्ष्य को पूरा किया जा सके.
