मुंगेर जिले में धड़ल्ले से बिक रहे बिना जांच के कफ सिरफ, लोगों के जीवन से हो रहा खिलवाड़

जांच के लिये जिम्मेदार पूरी तरह लापरवाह बने हैं.

– विभाग की सख्ती के बावजूद नियमित रूप से नहीं हो रहा शहर में संचालित दवा दुकानों की जांच

– मध्यप्रदेश में कफ सिरफ पीने से बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सर्तकता बरतने के निर्देश, ड्रग इंसपेक्टर लापरवाह मुंगेरमध्य प्रदेश में कफ सिरफ से हुये बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार ने भले ही जहां कई कफ सिरफों को प्रतिबंधित कर दिया है. वहीं इसे लेकर सभी राज्यों को विशेष सर्तकता बरतने का निर्देश दिया है. जिसे लेकर बिहार के औषधि नियंत्रक ने सभी ड्रग इंसपेक्टर को दवा दुकानों पर बिक रहे कफ सिरफ का सैंपल जांच एवं कार्रवाई का निर्देश दिया है. लेकिन लेकिन मुंगेर शहर से लेकर प्रखंड क्षेत्र में दवा दुकानों पर बिना मानक जांच के ही कई कफ सिरफों की खुलेआम ब्रिकी हो रही है. जांच के लिये जिम्मेदार पूरी तरह लापरवाह बने हैं. हलांकि सरकारी निर्देश के अनुसार सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भले ही कफ सिरफों के वितरण पर रोक लग गयी हो, लेकिन शहर के बाजारों में कफ सिरफ बिना मानक जांच के ही बिक रहे हैं.

मध्यप्रदेश की घटना के बाद तीन कफ सिरफ है प्रतिबंधित

मध्यप्रदेश में कफ सिरफ से बच्चों के मौत की घटना के बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्य में तीन कफ सिरफ कोल्ड्रिफ, रेस्पिफ्रेशटीआर और रिलाइफ को बैन कर दिया है. जबकि कोरेक्स कफ सिरप की ब्रिकी पर पूर्व से ही प्रतिबंध है. मुंगेर जिले में औषधि विभाग की मिलीभगत से शहर के बाजारों में कई ब्रांड के कफ सिरफ बिना मानक जांच के ही बिक रहे हैं. जिसकी जांच करने को जिम्मेदार लोग पूरी तरह लापरवाह बने हैं. हाल यह है कि शहर के दवा दुकान वैसे ही बिना मानक के संचालित हो रहे हैं. जहां नियमानुसार फार्मास्सिट तक नहीं है. जबकि इन दुकानों पर बिना फार्मास्सिट डिग्री के काम करने वाले लोग लोगों को कफ सिरफ दे रहे हैं.

संचालित दवा दुकानों की नहीं हो रही नियमित जांच

सरकार द्वारा सभी राज्यों में औषधि नियंत्रण विभाग को जांच के आदेश दिये हैं. जिसमें सभी ड्रग इंस्पेक्टर को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित दवा दुकानों पर बिक रहे कफ सिरफ के सैंपल की जांच का निर्देश दिया गया है. निर्देश में कहा गया है कि जिले में संचालित सभी दवा दुकानों पर बिक रहे कफ सिरफ का सैंपल लेकर उसे जांच के लिये भेजा जाय, ताकि इन कफ सिरफों के मानक की जांच की जा सके. बता दें कि मुंगेर शहर में ही 100 से अधिक दवा दुकानें संचालित हैं. जिसमें आधे से अधिक दवा दुकानें बिना मानक के संचालित हो रहे हैं. इसमें अधिकांश दवा दुकानों पर जहां नियमानुसार फार्मास्सिट नहीं हैं. वहीं कई दवा दुकानें निबंधन समाप्त होने या बिना निबंधन के ही संचालित हो रहा है. जिससे प्रतिमाह औषधि विभाग के जिम्मेदार दवा दुकानदारों से मोटी रकम की उगाही कर रहे और आम लोगों के जीवन के साथ गिरफ्तार किया जा रहा है.

कहते हैं जिम्मेदार

औषधि इंसपेक्टर रमेश कुमार प्रेमी ने बताया कि शहर में संचालित दवा दुकानों से प्रत्येक माह कफ सिरफ सहित पांच-पांच दवाओं का सैंपल लेकर जांच के लिये भेजा जा रहा है. वहीं विभागीय निर्देशानुसार सभी दवा दुकानों की जांच की जा रही है. जिसका रिर्पोट विभाग को भेजा जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिस कफ सिरफ को पीने से मध्यप्रदेश में बच्चों की मौत हुयी थी.

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Author: RANA GAURI SHAN

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