मुंगेर बैंकों में ग्राहकों को निष्पक्ष व्यवहार, पारदर्शिता और सम्मान पाने का अधिकार है. लेकिन आईडीबीआई बैंक के अधिकारी व कर्मी ग्राहकों के साथ अशोभनीय व्यवहार, दुर्व्यवहार कर रहे. बैंककर्मियों के व्यवहार और पुलिस से पिटवाने से आहत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड हसनपुर निवासी हिमांशु कमार ने सीजीएम न्यायालय में एक परिवाद दायर किया है. हिमांशु कुमार ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में परिवार दायर किया है. जिसका परिवाद संख्या- 119सी/2026 है. जिसमें उन्होंने बैंक के सहायक प्रबंधक सुकोमल कुमार, कर्मी प्रणव कुमार निराला, साकेत कुमार यादव, ध्रुव कुमार शर्मा, और पवन कुमार को अभियुक्त बनाया है. उन्होंने परिवाद में कहा है कि वह शिक्षित बेरोजगार व्यक्ति है. जो आईटीआई करने के बाद पॉलटेकनिक में एडमिशन के वास्ते प्रयासरत है और समाज के कई कमजोर विधार्थी को शिक्षा प्रदान करता है. उसका शहर के कौड़ा मैदान स्थित आईडीबीआई शाखा में खाता है. तीन वर्षों से बाहर रहने के कारण खाता का संचालन नहीं कर सका था. 17 जनवरी को बैंक में उसने खाता चालू करने के लिए कागजात जमा किया. 20 फरवरी को जब वह अपने भाई व बहन के साथ खाता अपडेट करने बैंक पहुंचा तो बैंककर्मी उसके साथ गाली गलौज करते हुए धमकी दिया कि बैंक से बाहर जाओ नहीं तो पुलिस बुलाकर बैंक लूट का मुकदमा में जेल भेज देंगे. पुलिस को बुलवाकर सभी के सामने पुलिस से पिटवा दिया और धक्का देकर बाहर दिया. सारा घटनाक्रम बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरा में कैद है. जिसके कारण उसने न्यायालय में परिवाद दायर किया.
आईडीबीआई बैंक कर्मियों के खिलाफ उपभोक्ता ने सीजीएम कोर्ट में दायर किया परिवाद
लिस बुलाकर बैंक लूट का मुकदमा में जेल भेज देंगे. पुलिस को बुलवाकर सभी के सामने पुलिस से पिटवा दिया
