मुंगेर जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कहा कि मुंगेर जिला भूकंप जोन-4 में शामिल है. यहां 1934 में विनाशकारी भूकंप आया था. आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 26 फरवरी को मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा. जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन करना है और जो भी कमियां होगी, उसे दुरुस्त करना. ताकि भूकंप के समय राहत व बचाव का कार्य आसानी से संपन्न कराया जा सके. वे बुधवार को समाहरणालय सभागार में पत्रकार वार्ता में कही. उन्होंने कहा कि बुधवार को इसको लेकर टेबल टॉक एक्ससाइज किया गया. जबकि गुरुवार को मेगा मॉक ड्रील आयोजित किया जायेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मॉक ड्रिल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने की एक गंभीर पहल है. इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन, एसडीआरएफ सहित अन्य एजेंसियों के बीच तालमेल, रिस्पॉन्स टाइम में कमी और संचार तंत्र की प्रभावशीलता की जांच की जाएगी. मेगा मॉक ड्रिल जिला मुख्यालय के समाहरणालय भवन, बैजनाथ बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, भारत पेट्रोल पंप भगत सिंह चौक, सदर अस्पताल, आदित्य विजन, बेलन बाजार क्वार्टर को अभ्यास स्थल बनाया गया है. इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, आपदा मित्र, एनसीसी, स्काउट-गाइड, सिविल डिफेंस सक्रिय रूप से भाग लेंगे.
भूकंप की तैयारियों को लेकर आज होगा मेगा मॉक ड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का होगा आकलन
इस मॉक ड्रिल में एसडीआरएफ,एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस, आपदा मित्र, एनसीसी, स्काउट-गाइड, सिविल डिफेंस सक्रिय रूप से भाग लेंगे.
