स्वच्छता व कचरा निष्पादन का सर्वे कर दिल्ली लौटी स्वच्छता सर्वेक्षण टीम, अब रैंकिंग का इंतजार

कचरा निष्पादन सहित सभी तैयारियों का जायजा लिया

तीन दिनों तक घूम-घूम कर टीम ने किया सर्वेक्षण, हर वार्ड में पांच-पांच घरों में जाकर ली जानकारी

मुंगेर

भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से 15 फरवरी से 31 मार्च 2025 के बीच देश में स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य किया गया. मुंगेर पहुंची टीम ने मुंगेर नगर निगम क्षेत्र में जहां घूम-घूम कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं व्यवसायिक सहित ट्रांसपोर्ट क्षेत्र का मुआयना किया. टीम ने शहर के सभी 45 वार्ड के एक-एक वार्ड में औचक पांच घरों में जाकर उसका निरीक्षण किया. जबकि बैकलेन (घर के पीछे की गली) का जायजा लिया. साथ ही चुरंबा स्थित डंपिंग यार्ड पहुंच कर वहां कचरा निष्पादन को भी देखा.

स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के लिए थ्रीपल आर ( रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल ) की थीम पर शहरों का सर्वे किया जा रहा है. जिसमें मुंगेर शहर की स्थिति बेहतर नहीं है. बेसिक स्वच्छता की स्थिति यह है कि यहां सड़क किनारे ही शहर में अस्थायी डंर्पिंग यार्ड बना है. जहां बाजार क्षेत्र को छोड़ कर आवासीय क्षेत्र में प्रतिदिन कचरा का उठाव नहीं होता है. वैसे स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर मुंगेर नगर निगम ने पिछले दो महीनों से खूब तैयारियां की. दिल्ली से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम मुंगेर शहर पहुंची और शहर के स्वच्छता और कचरा निष्पादन सहित सभी तैयारियों का जायजा लिया और पब्लिक फीड बैक लेकर वापस दिल्ली लौट गयी. अब मुंगेर नगर निगम अपनी की गयी तैयारियों के आधार पर रैकिंग का इंतजार कर रही है.

आत्मनिर्भर वार्ड का भी किया निरीक्षण

स्वच्छता सर्वेक्षण टीम निगम के पॉयलट प्रोजेक्ट में शामिल पांच आत्मनिर्भर वार्ड का निरीक्षण किया. वार्ड नंबर 17 आत्मनिर्भर वार्ड की श्रेणी में प्रथम स्थान पर है. क्योंकि यहां 98 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है. टीम ने यहां जहां बायो मेडिकल कचरा निष्पादन का जायजा लिया. वहीं सूखा व गीला कचरा का कैसे घरों में अलग-अलग संपादन किया जा रहा उसे देखा. साथ ही निगम द्वारा किए गए जियो टैगिंग का स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने जायजा लिया, जिसमें टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर जियो टैगिंग की स्थिति का मूल्यांकन किया. विदित हो कि जियो टैगिंग का उद्देश्य स्वच्छता अभियान के तहत किए गए कार्यों का वास्तविक समय में निगरानी करना और उनकी स्थिति का मूल्यांकन करना है. इसमें सार्वजनिक शौचालयों, कूड़ेदानों और ��न्य स्वच्छता से संबंधित स्थानों की जियो लोकेशन को चिह्नित किया गया है.

टीम ने गंगा घाटों का भी लिया जायजा

स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शहर के बबुआ घाट, कष्टहरणी घाट, सोझी घाट का भी निरीक्षण किया. वहां की साफ-सफाई, मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया. टीम को बताया गया कि कष्टहरणी घाट के जीर्णोद्धार के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है.

मुंगेर नगर निगम को कितना मिलेगा अंक, बतायेगा रैंकिंग

इस बार किस पैमानों पर रैंकिंग होगी और किसके लिए कितना अंक मिलेगा यह जानना जरूरी है. क्योंकि इसी प्वाइंट के आधार पर ऑल इंडिया रैंकिंग जारी किया जायेगा. साफ-सफाई की स्थिति में 1500, कचरे का पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन के लिए 1500, सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 1500 अंक निर्धारित है. जबकि स्वच्छता तक पहुंच के लिए1000, गंदे जल का प्रबंधन के लिए 1000, मशीन से नाले की सफाई के लिए 500, स्वच्छता के लिए जागरूक करना के लिए 1500 अंक, इको सिस्टम में सुधार के लिए काम करना 1000 अंक, स्वच्छता कर्मचारियों का समग्र कल्याण पर 500 अंक एवं नागरिक शिकायतों का निराकरण के लिए 500 अंक निर्धारित है.

कहते हैं अधिकारी

नगर निगम के लोक स्वच्छता पदाधिकारी गुलाम रब्बानी ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के लिए थ्रीपल आर ( रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल ) थीम पर है. निगम की ओर से इसे लेकर फूल फ्रूप तैयारी की गयी थी. दिल्ली से पहुंची 9 सदस्यीय टीम सर्वे कर लौट गयी है. हमें विश्वास है कि मुंगेर की रैकिंग इस बार बेहतर रहेंगी.

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शौचालय व एसटीपी का निरीक्षण करने दिल्ली से शीघ्र आयेगी टीम

मुंगेर : दिल्ली से पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम मुंगेर नगर निगम क्षेत्र का निरीक्षण कर वापस लौट गयी है. लेकिन निगम क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालय व पे यूज शौचालय और सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट (एसटीपी) का जांच करने दिल्ली से स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम शीघ्र मुंगेर आने वाली है. लोक स्वच्छता पदाधिकारी गुलाम रब्बानी ने बताया कि अगले सप्ताह टीम मुंगेर आकर शौचालय व एसटीपी का निरीक्षण करेंगे.

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स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में मुंगेर शहर की स्थिति

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ऑल इंडिया रैंकिंग -396

स्टेट रैंकिंग – 17

डोर टू डोर कूड़ा उठाव – 84 प्रतिशत अंक

स्रोत पृथक्करण- 11 प्रतिशत अंक

अपशिष्ट उत्पादन व प्रसंस्करण -00

कुड़ेदान का निवारण -00

आवासी क्षेत्र में सफाई- 81 प्रतिशत अंक

बाजार क्षेत्र में सफाई – 82 प्रतिशत अंक

जलस्रोत की सफाई- 50 प्रतिशत अंक

शौचालय की सफाई – 75 प्रतिशत अंक

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By Birendra kumar sing

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