गंगा के बढ़ते जलस्तर से असरगंज प्रखंड में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. बाढ़ का पानी अब अमैया और चौगांव पंचायत के बहियारों को डुबोते हुए लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है. पानी फैलने से किसानों द्वारा लगाई गई सैकड़ों एकड़ धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई है.
जवाहरपुर में सड़कों और घरों में घुसा पानी
जानकारी के अनुसार, अमैया पंचायत के जवाहरपुर मोहल्ले में बाढ़ का पानी सड़कों और घरों में घुस गया है. इससे अमैया से ढोल पहाड़ी जाने का रास्ता बंद हो गया है. आंगनबाड़ी केंद्र में पानी घुस जाने के कारण इसे बंद कर दिया गया है. वहीं, जीविका भवन में भी कमर भर पानी रहने से जीविका का कार्य बाधित हो गया है. लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है. ढोल पहाड़ी के मध्य विद्यालय में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है.
चौगांव के स्कूल में कमर भर पानी
इधर, उत्तर टोला चौगांव के कई घरों में पानी घुस चुका है, जबकि प्राथमिक विद्यालय में कमर भर पानी जमा है. इसके कारण पठन-पाठन बंद हो गया है. खेतों में लगी धान की फसल भी पूरी तरह पानी में डूब गई है.
कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान परेशान
किसानों ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में किसानों ने धान की फसल की बुआई की थी, लेकिन बाढ़ के कारण उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है. कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी. फसल बर्बाद होने के बाद उनके सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सीओ ने किया निरीक्षण
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अंचल अधिकारी उमेश शर्मा ने अमैया, चौगांव, ढोल पहाड़ी सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग सतर्क रहें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
