नशा मुक्त बिहार का नारा पड़ने लगा कमजोर

संग्रामपुर : नशा मुक्त बिहार का नारा संग्रामपुर में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है. वैसे आज भी प्रशासन इसे सख्ती से लागू करने को प्रतिबद्ध है. लेकिन अवैध कारोबारियों की जुगाड़ व्यवस्था के कारण प्रशासन की पहुंच वहां तक नहीं हो पा रही है. जहां से चोरी छिपे यह धंधा किया जा रहा है. शराब […]

संग्रामपुर : नशा मुक्त बिहार का नारा संग्रामपुर में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है. वैसे आज भी प्रशासन इसे सख्ती से लागू करने को प्रतिबद्ध है. लेकिन अवैध कारोबारियों की जुगाड़ व्यवस्था के कारण प्रशासन की पहुंच वहां तक नहीं हो पा रही है. जहां से चोरी छिपे यह धंधा किया जा रहा है.

शराब बंदी के बाद संग्रामपुर में इसका अच्छा असर दिखाई दिया. लेकिन धीरे-धीरे अवैध शराब की बिक्री होने लगी. संग्रामपुर बाजार से लेकर गांवों में शराब मुहैया कराया जा रहा है. संग्रामपुर बाजार से महज दो किलोमीटर दूरी पर बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र से महुआ शराब बना कर माफिया यहां भेज रहे है.
जिसकी बिक्री संग्रामपुर में हो रही है. कहा जाता है कि लरहर नदी के पास भी महुआ शराब तैयार किया जा रहा है. सुबह-सुबह मोबाइल से इसके विक्रेता संपर्क कर निर्धारित स्थान पर आकर शराब डिब्बे व बोतलों में कर ले जाते हैं.
बिक्री के नये-नये नुस्के
संग्रामपुर प्रखंड के सुदूर क्षेत्रों के साथ-साथ प्रखंड मुख्यालय में भी अवैध शराब बेची जा रही है. अब अवैध शराब की बिक्री चोरी-छिपे घर के अंदर रख कर की जाती है. मोबाइल पर कोड वर्ड 200, 500 का इस्तेमाल कर शराब की बोतल बुक करायी जाती है. जगह बता दिया जाता है और शराब वहां उपलब्ध हो जाता है.

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