दुखद. बाइक लिफ्टर गैंग ने पुलिस की नाक में दम कर दिया है
इस वर्ष अबतक 30 से अधिक मोटर साइकिल की चोरी हो चुकी है. लेकिन किसी भी मामले में न तो चोर पकड़ा गया और न ही चोरी गये मोटर साइकिल की बरामदगी हो पायी है.
मुंगेर : बाइक लिफ्टर गैंग ने मुंगेर पुलिस के नाक में दम कर दिया है. जहां से मन होता है, वहीं से मोटर साइकिल को गायब कर देता है. बाइक लिफ्टर के लिए मुंगेर में यह धंधा काफी फायदेमंद है. प्रति वर्ष लगभग 50 लाख का कारोबार मोटर साइकिल चोरी के माध्यम से हो रहा. शुक्रवार की देर शाम चोरों ने शहर के घोषी टोला से कासिम बाजार थाना क्षेत्र के महद्दीपुर निवासी पंकज कुमार की मोटर साइकिल चोरी कर ली. जिसका तीन दिनों बाद भी कोई पता नहीं चल सका. सिर्फ इस वर्ष अबतक 30 से अधिक मोटर साइकिल की चोरी बाइक लिफ्टर गैंग ने किया है.
जबकि पिछले वर्ष चोरों ने 45 बाइक की चोरी की थी. इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि मुंगेर में हर वर्ष लाखों का कारोबार चोरी के माध्यम से हो रहा. माना जाता है कि चोरों के लिए सबसे आसान धंधा मोटर साइकिल चोरी का धंधा है. जिसके कारण इस धंधे को अपराधियों ने एक प्रमुख धंधा बना लिया है जो इन अपराधियों के लिए मुख्य आय का श्रोत बन गया है.
एक्सपर्ट हैं बाइक लिफ्टर
मोटर साइकिल की चोरी करने वाले लिफ्टर पूरी तरह से एक्सपर्ट होते हैं. मास्टर चाबी से चोर सेकेंड में ताला खोल देता है. अगर इससे काम नहीं बना तो लॉक को एक झटके में तोड़ कर मोटर साइकिल लेकर भाग जाता है. चोर इतना एक्सपर्ट होता है कि वे पता लगा लगा लेता है कि किस क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान चल रहा है. सीमा पार कर उस क्षेत्र में अपने सहयोगी को वाहन रिसीव करा देता है. गाड़ी की कंडीशन पर कीमत तय होती है. एक गाड़ी को महज 5 से 15 हजार रुपये में बेच दिया जाता है.
कहते हैं एसपी
एसपी आशीष भारती ने बताया कि बाइक चोरी को रोकने को ले थानेदारों को विशेष निर्देश दिये गये हैं. गिरोह के उद्भेदन के लिए छापेमारी की जा रही है.
