रूठ गया बदरा, तरस रहे किसान

परेशानी. उमस भरी गरमी से नहीं मिल रही निजात, नहीं हो रही बारिश आसमान में प्रतिदिन कुछ देर के लिए छाये बादल को देख कर किसान काफी उत्साहत होने लगते हैं. किंतु थोड़ी ही देर बाद छटते बादल को देख उनकी निराशा भरी निगाहें सूखी धरती की ओर टिक जाती है़ बारिश नहीं होने के […]

परेशानी. उमस भरी गरमी से नहीं मिल रही निजात, नहीं हो रही बारिश

आसमान में प्रतिदिन कुछ देर के लिए छाये बादल को देख कर किसान काफी उत्साहत होने लगते हैं. किंतु थोड़ी ही देर बाद छटते बादल को देख उनकी निराशा भरी निगाहें सूखी धरती की ओर टिक जाती है़ बारिश नहीं होने के कारण आम जनों को भी उमस भरी गरमी से निजात नहीं मिल पा रहा है़ हालांकि मौसम विभाग की मानें तो अगले पांच दिनों में तापामन का पारा कुछ लुढ़कने की संभावना जतायी जा रही है़
मुंगेर : प्रतिदिन आसमान में अचानक बादल को मंडराते देख किसानों की उम्मीदें जगने लगती है़ उन्हें लगता है कि अब उनके खेतों में लगे फसलों को फिर से जान आ जायेगी़ किंतु कुछी पल में छटते बादल व चिलचिलती धूप की तपिश से किसान काफी मायूस हो जाते हैं. बारिश नहीं होने के कारण जहां खेतों में लगे मकई व सब्जियों के फसल झुलसने लगे हैं. वहीं खाली पड़े खेतों में नमी नहीं रहने के कारण फसलों की बुआई नहीं हो पा रही है़ ऐसा प्रतीत हो रहा कि किसानों से शायद बदरी रूठ गयी हो़
रहे साफ- सुथरा, मिलेगा आराम
उमस भरी गरमी में पसीने से होने वाले त्वचा रोग के प्रति सावधान रहने की जरूरत है़ चिकित्सकों की मानें तो ऐसे मौसम में ढीला कपड़ा पहना काफी बेहतर होगा़ पसीना आने पर चेहरे को बार- बार धोयें तथा सुबह के अलावे शाम में भी अपने कार्यों से निवृत होने के बाद पूरे सफाई के साथ स्नान करें. जिससे त्वचा रोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है़ किसी प्रकार के त्वचा रोग हो जाने पर शीघ्र चिकित्सकों से संपर्क करें ताकि रोग का विस्तार न होने पाये़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >