नक्सली घटना की याद दिलाता है संग्रामपुर प्रखंड कार्यालय

संग्रामपुर : संग्रामपुर प्रखंड कार्यालय की स्थापना वर्ष 1954 में की गयी. उस समय से यह प्रखंड उपेक्षाओं का शिकार बन कर रहा है. 13 नवंबर 2009 की काली रात इसके दामन पर एक दाग दे गया जो अभी तक बरकरार है. 13 नवंबर 2009 की रात नक्सलियों ने संग्रामपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय को […]

संग्रामपुर : संग्रामपुर प्रखंड कार्यालय की स्थापना वर्ष 1954 में की गयी. उस समय से यह प्रखंड उपेक्षाओं का शिकार बन कर रहा है. 13 नवंबर 2009 की काली रात इसके दामन पर एक दाग दे गया जो अभी तक बरकरार है. 13 नवंबर 2009 की रात नक्सलियों ने संग्रामपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय को बम लगा कर उड़ा दिया.
सुबह जिसने भी जाना वह खुद इस बात पर आश्चर्यचकित हो रहा था कि आखिर यह वारदात संग्रामपुर बाजार के मध्य स्थित प्रखंड परिसर में कैसे घटी. नक्सलियों द्वारा किये गये बम विस्फोट से प्रखंड सह अंचल कार्यालय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. उसके अंदर रखे सभी आवश्यक कागजात, जेनेरेटर, कंप्यूटर बरबाद हो गये. इस घटना के बाद खड़गपुर, लक्ष्मीपुर, बेलहर प्रखंडों की तरह संग्रामपुर प्रखंड भी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में प्रशासन एवं जनता के बीच गिना जाने लगा. इससे संग्रामपुर के समान्यत: सात नागरिकों का सीना भी क्षतिग्रस्त हो गया.
क्षतिग्रस्त प्रखंड सह अंचल कार्यालय आज भी उसी रूप में प्रखंड परिसर में खड़ा लोगों को नक्सली घटना की याद दिलता है. कभी-कभी बच्चे इसके अंदर जाकर खेलकूद करते हैं. जिस तरह यह भवन जर्जर है, अगर समय रहते इस भवन को नहीं गिराया गया तो कभी भी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है.
कहते हैं अधिकारी
बीडीओ प्रीतम आनंद ने बताया कि क्षतिग्रस्त भवन का हटाना जनहित में आवश्यक है. परंतु यह कार्रवाई कानूनी दावं-पेंच में फंसी हुई है.

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