हथियार के तिजारत से युवाओं का भवष्यि दावं पर

हथियार के तिजारत से युवाओं का भविष्य दावं पर दियारा में उगायी जा रही हथियार की फसल फोटो संख्या : 4फोटो कैप्सन : हथियार बनाते कारीगर प्रतिनिधि : मुंगेर ————-दियारा क्षेत्र में इन दिनों अनाज नहीं बल्कि हथियार की खेती हो रही है. हथियार की इस खेती से लोग लगातार जुड़ते जा रहे हैं. खासकर […]

हथियार के तिजारत से युवाओं का भविष्य दावं पर दियारा में उगायी जा रही हथियार की फसल फोटो संख्या : 4फोटो कैप्सन : हथियार बनाते कारीगर प्रतिनिधि : मुंगेर ————-दियारा क्षेत्र में इन दिनों अनाज नहीं बल्कि हथियार की खेती हो रही है. हथियार की इस खेती से लोग लगातार जुड़ते जा रहे हैं. खासकर युवा वर्ग गलत तरीके से पैसे कमाने की होड़ में इस कदर शामिल हो रहे कि उनका भविष्य दावं पर लग गया है. दियारा का अधिकांश क्षेत्र मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पड़ता है. हजारों एकड़ भूमि में फसल उगायी जाती थी. लेकिन आज यहां अनाज के बदले हथियार की फसल बोयी व उगायी जा रही है. जिसमें सबसे अधिक लोग मिर्जापुर बरदह के शामिल हैं. स्थिति यह है कि अब हथियार के बड़े सौदागर कोलकाता से कच्चा माल लाकर कारोबार में लगे कारीगर को उपलब्ध कराता है और फिर तैयार आग्नेयास्त्र को देश के विभिन्न भागों में सप्लाई करता है. पकड़ाने के बाद हुआ खुलासा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरदह घाट से कुछ दूर स्थित तौफिर दियारा के काश के जंगल में दर्जनों मिनीगन फैक्टरी का संचालन हो रहा था. छापेमारी में 10 मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया. जिसमें आठ लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. जबकि दियारा क्षेत्र होने के कारण कई निर्माता भागने में सफल रहा. पुलिस की इस छापेमारी में हुए उद्भेदन के बाद यह साबित हो गया कि दियारा क्षेत्र में अब अनाज नहीं बल्कि हथियार की खेती हो रही है. निकाला था सेना का दौड़ युवा वर्ग किस तरह अवैध हथियार व निर्माण तस्करी से जुड़ रहे हैं इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने दियारा क्षेत्र से आठ कारीगर को पकड़ा था. गिरफ्तार कारीगर को मिर्जापुर बरदह निवासी मो. मुस्तफा का पुत्र मो. असलम हाल के दिनों में ही सीआइएसएफ की बहाली में दौड़ निकाल चुका था. अब वह आगे की प्रक्रिया के लिए तैयारी कर रहा था. साथ ही हथियार का निर्माण भी करता था. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि युवा किस तरह इस धंधे से जुड़ते जा रहे हैं. बच्चे व महिला भी हैं शामिल हथियार के धंधे में बच्चे व महिला भी बड़े पैमाने पर शामिल है. गिरफ्तार हथियार कारीगर मो. जफर, मो. सदरूल, मो. बाबर ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष कबूल किया था कि वे लोग हथियार जरूर बनाते है. लेकिन तस्करी नहीं करते है. गांव के ही तस्कर को वे लोग हथियार देते है. तस्कर बच्चे व महिला के माध्यम से हथियार लेते है और उसे उसी बच्चे व महिला के माध्यम से बाहर भेजते है. दियारा क्षेत्र बना सेफ जोन गंगा पार दियारा क्षेत्र हथियार निर्माताओं के लिए इन दिनों सेफ जोन हो गया है. क्योंकि मुंगेर पुलिस लगातार हथियार निर्माण के खिलाफ छापेमारी कर रही है. छापेमारी में पकड़ाने के भय से हथियार तस्कर नाव के माध्यम से गंगा पार हो जाते है और निर्धारित स्थान पर पहुंच कर हथियार बनाने का काम प्रारंभ कर देते है. शाम को निर्मित हथियार लेकर गांव लौट जाते है. जबकि अर्धनिर्मित हथियार को वहीं काश के खेत अथवा बालू में छिपा कर रख देते है. कहते हैं पुलिस अधीक्षक पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि गंगा पार दियारा क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ लगातार छापेमारी की जाती है. जिसमें मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन के साथ ही अवैध हथियार निर्माता को भी गिरफ्तार किया जाता है.

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