मुंगेर : नदियों का सवाल सिर्फ भारत का नहीं बल्कि वैश्विक है. गंगा भारत की पवित्र नदियों में एक है और उसे हम मां की तरह पूजते हैं. लेकिन जगह-जगह इसके प्रदूषण की अनेक रूप दिखते हैं.
प्रदूषण का स्तर इतना भयावह है कि इसके जल के कारण लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. आलम यह है कि यह कचरा ढोने वाले मालवाहक बन गयी है या मानना था कि गौमुख से लेकर गंगा सागर की अभियान यात्रा पर निकले टीम का. यह टीम 23 अक्तूबर को गंगोत्री से गंगा सागर तक की यात्रा पर मरकरी हिमालयर एक्सप्लोरेशन लिमिटेड की ओर से यात्रा कर रही है.
इस यात्रा का मकसद गंगा के सवाल पर आम लोगों खासकर युवाओं और बच्चों में जागरूकता पैदा करना है. इस टीम को 23 नवंबर को ही मुंगेर पहुंचना था लेकिन 24 नवंबर मंगलवार की देर रात मुंगेर पहुंची और 25 नवंबर बुधवार की सुबह जेल घाट पर आम लोगों, पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. इस टीम में 19 लोग हैं.
टीम के प्रमुख सदस्यों में एनएन बैंक्रेफ्ट, नार्वे की लीम आरसेनस, भारत की कृष्णा पाटिल, न्यूजीलैंड के निशा टे हूहू, इजराइल के उल्फत हैदर, चीन की जियाओ होहो, दक्षिण अफ्रिका की किंम स्मिथ हैं. इन लोगों ने कहा कि गौमुख से लेकर ऋषिकेश तक तो गंगा का जल बेहतर मिला. उसके बाद से प्रदूषण का स्तर जगह-जगह अलग-अलग रूपों में देखने को मिला. सबसे भयावह स्थिति कानपुर की थी. जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरे गंगा में डाले जा रहे हैं.
प्रदूषण के स्तर पर के कारण कई तरह के रोगों में इजाफा हो रहा है. इन लोगों ने सवालिया लहजे में कहा कि जब टैम्स नदी स्वच्छ हो सकती है तो गंगा क्यों नहीं स्वच्छ हो सकती. गंगा की निर्मलता का सवाल न सिर्फ सरकार और कुछ संगठनों से जुड़ा हुआ है. बल्कि यह आम लोगों से जुड़ा हुआ है. आम लोग जब तक इसके महत्व व अहमियत को नहीं समझेंगे तो यह मुमकिन नहीं है.
इस टीम के साथ 11 अन्य लोग चल रहे हैं. कर्नल एसपी आहूजा के साथ हैं. ये अभियान में लगे यात्रियों का सहयोग कर रहे हैं. टीम के सदस्यों का स्वागत सूचना एवं जनसंपर्क उपनिदेशक कमलाकांत उपाध्याय ने किया. टीम के सदस्य नगर निगम की महापौर कुमकुम देवी, नगर आयुक्त प्रभात कुमार सिन्हा, गंगा महासभा का प्रदेश अध्यक्ष निर्मल कुमार जालान से भी मिली.
इन लोगों से टीम के सदस्यों ने यह जानना चाहा कि गंगा की निर्मलता के सवाल पर मुंगेर में क्या किया जा रहा है. मुंगेर की महापौर ने बताया कि वे नदियों के किनारे की साफ-सफाई नगर निगम के माध्यम से कराती रही हैं.
वहीं नगर आयुक्त प्रभात कुमार सिन्हा ज्यादा सिवरेज सिस्टम और ट्रीटमेंट प्लान लगाये जाने की जरूरत बतायी. उन्होंने कहा कि नदियों की स्वच्छता का काम प्रभावी तरीके से किये जाने की जरूरत है. मौके पर वार्ड पार्षद रवीश चंद्र वर्मा उर्फ बॉबी, सुजीत पोद्दार, राजेश कुमार ठाकुर उपस्थित थे.
