मुंगेर : प्रमंडलीय सभागार में मंगलवार को समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गयी. उसकी अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त लियान कुंगा ने की. बैठक के दौरान उन्होंने विधि व्यवस्था, विकास कार्य एवं राजस्व संग्रह को लेकर मुंगेर, लखीसराय, बेगुसराय, खगड़िया व जमुई जिले के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया.
मौके पर डीआइजी शिवेश्वर शुक्ला मुख्य रूप से मौजूद थे. बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में ऐसा वातावरण तैयार करना है कि सांप्रदायिक सद्भाव किसी भी कीमत पर नहीं बिगड़ने पाये. इसके लिए थाना प्रभारी, संबंधित अंचलाधिकारी बैठक करें और साथ ही जिले के संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित करने का काम किया जाय. डीआइजी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
जिसका सभी जिले में अक्षरश: पालन किया जाय. थानों में पंचायतवार पंजी बनाकर उसमें हर तरह के विवादों को संधारित किया जाय. साथ ही अंचल व थाना स्तर पर ही विवादों का निबटारा किया जाय. अधिकांश विवाद भूमि से संबंधित होते हैं. जिसका निबटारा नहीं होने के कारण लोग परेशान होकर प्रमंडलीय आयुक्त व डीआइजी कार्यालय का चक्कर लगाने पर विवश हो जाते हैं.
आयुक्त ने सभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में वे खुद घूम-घूम कर थाने व अंचल कार्यालय के कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करें.
जिले में लंबित कार्यों को विकास की गति प्रदान करने के लिए तीव्रता लायी जाय. राज्य सरकार के अलावे सांसद निधि से भी योजनाओं को मांग कर उसका क्रियान्वयन किया जाय. उन्होंने स्वच्छ भारत योजना के तहत ग्रामीण शौचालय के निर्माण व उसके उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए पीएचइडी विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिये.
उन्होंने स्वच्छता अभियान में खगडि़या, बेगूसराय व लखीसराय के काम पर तो संतोष व्यक्त किया. लेकिन मुंगेर की धीमी प्रगति पर नाराजगी का इजहार किया. उन्होंने कहा कि सिर्फ शौचालय बना देना ही काम नहीं है.
ल्कि लोगों को खुले में शौच करने की प्रवृत्ति खत्म करने के लिए प्रेरित भी करना है. उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के सवाल पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जायेगा. आयुक्त ने भवन निर्माण के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भवनों के रखरखाव की जिम्मेवारी भी सुनिश्चित करें.
उन्होंने कहा कि अमूमन मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारियों के भवन तो चकमख नजर आते हैं. लेकिन दूसरे भवनों की हालत जर्जर है. वहीं अंचल, अनुमंडल व जिला स्तर पर संग्रह होने वाले राजस्व में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया. साथ ही कार्तिक पूर्णिमा के दौरान विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने जिलाधिकारी व एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि जिस प्रकार छठ के दौरान घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था व बैरिकेटिंग की गयी थी.
उसी तरह कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर व्यवस्था की जाय. जिससे लोग शांतिपूर्ण ढंग से गंगा स्नान व पूजा अर्चना कर सके. निर्माणाधीन गंगा रेल सह सड़क पुल के एप्रोच पथ को लेकर आयुक्त ने बेगूसराय, खगडि़या व मुंगेर के जिलाधिकारी को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया.
मौके पर संयुक्त विभागीय जांच आयुक्त जयंत कुमार, बेगसूराय के जिलाधिकारी सीमा त्रिपाठी, खगडि़या के साकेत कुमार, मुंगेर के प्रभारी जिलाधिकारी ईश्वर चंद्र शर्मा, एसपी वरुण कुमार सिन्हा, मनोज कुमार, अनिल कुमार, नगर आयुक्त प्रभात कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी विनय कुमार, उपनिदेशक सूचना जनसंपर्क केके उपाध्याय सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
