त्रि-दिवसीय जगधात्री पूजा आरंभ

मुंगेर / जमालपुर : मुंगेर एवं जमालपुर में शुक्रवार को तीन दिवसीय जगधात्री पूजा धूमधाम से मनाया गया. बिहार बंगाली एसोसिएशन द्वारा जहां बंगला क्लब में प्रतिमा स्थापित कर मां जगधात्री की पूजा अर्चना की गयी. वहीं लौह नगरी जमालपुर में जगधात्री पूजा समारोह पूरे धार्मिक रीति रिवाज के साथ आरंभ हो गया. रामपुर कॉलोनी […]

मुंगेर / जमालपुर : मुंगेर एवं जमालपुर में शुक्रवार को तीन दिवसीय जगधात्री पूजा धूमधाम से मनाया गया. बिहार बंगाली एसोसिएशन द्वारा जहां बंगला क्लब में प्रतिमा स्थापित कर मां जगधात्री की पूजा अर्चना की गयी. वहीं लौह नगरी जमालपुर में जगधात्री पूजा समारोह पूरे धार्मिक रीति रिवाज के साथ आरंभ हो गया.

रामपुर कॉलोनी के पानी टंकी मैदान तथा दौलतपुर कॉलोनी में इसको लेकर भव्य पूजा पंडालों का निर्माण किया गया है, जहां मां जगधात्री की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई है. रामपुर पूजा समिति की प्रतिमा की पूजा पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पुरोहित द्वय सपन चक्रवर्ती तथा सुमित चक्रवर्ती ने संपन्न कराया.

यजमान की भूमिका समिति के संयोजक रिंकू सिंह ने निभायी. इस दौरान महिला श्रद्धालुओं ने भी शिरकत की. समिति के अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय पूजा समारोह के दौरान शनिवार 21 नवंबर की संध्या भक्ति भजन का कार्यक्रम होगा. जिसमें जमशेदपुर की पूजा झा, धनबाद की रानी कौर तथा पटना का कुमार राजन अपनी टीम के साथ प्रस्तुति देंगे.

मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक शिवेश्वर शुक्ला होंगे. वहीं रविवार को विवाहित व अविवाहित महिलाओं के लिए शंख ध्वनि व मोमबत्ती प्रतियोगिता का आयोजन होगा. जिसके मुख्य अतिथि सीडब्लूएम अनिमेष कुमार सिन्हा व एसपी वरूण कुमार सिन्हा होंगे.

उधर दौलतपुर पूजा समिति द्वारा भी कई प्रतियोगिताओं के आयोजन किये जायेंगे जिसकी जानकारी पूजा समिति के संयोजक रवि भूषण वर्मा ने दी. मौके पर दिवेश सिंह, आनंदी दास, जग्गू दा, अमित, मूर्ति तथा पंकू सिंह उपस्थित थे.

मां दुर्गा का ही रूप है माता जगधात्रीजमालपुर : रामपुर पानी टंकी पूजा समिति के अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा तथा सचिव एसके आर्या ने बताया कि मां जगधात्री वास्तव में मां दुर्गा का ही रूप है. जब मां दुर्गा अपने कालिका रूप में दैत्य महिषासुर का वध कर रही थी तो क्रोध में वे इतनी आवेशित हो गई कि दैत्य सहित वे देवता व मानव के संहार पर भी उतारू हो गई.

अनके इस रौद्र रूप को देख तीनों लोक में हाहाकार मच गया. मा कालिका के इस भयानक रूप तथा क्रोध को देख सभी डर से इधर उधर भागने लगे. अंत में सभी प्राणी अपनी रक्षा के लिए भगवान महादेव की शरण में गये. स्वयं महादेव भी देवी के इस रौद्र रूप को देख धरती पर लेट गये.

जब माता का पैर उन पर पड़ा तत्क्षण उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ और वह शांत हो गयी. देवताओं प्रार्थना पर मां कालिका शांत हो गई तथा उन्होंने जगत को धारण कर जगधात्री रूप में अवतरित हुई. उन्होंने बताया कि तभी से मां जगधात्री की पूजा की जाती है.

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