रिटायर्ड रेल पुल पर यात्रि करते है मौत का इंतजार फोटो है 1 में कैप्सन-रिटायर्ट रेलवे ट्रैक पर सफर करते लोगप्रतिनिधि, चौथम धमहरा घाट स्थित कात्यायनी मंदिर के पास बागमती नदी पर बने रिटायर्ड मीटर गेज रेल पुल पर लोग जान जोखिम में डालकर मंदिर पहुंचते है. पुल पर सफर करने के दौरान कितने लोग मौत के आगोश में शमा चुके हैं. रिटायर्ड रेल पुल पर पटरियों के बीच एक फिट चौड़ा लोहे पर संतुलन बनाकर चलना पड़ता है. यदि असंतुलन खोया तो पुल से गिर कर नदी में चला जाता है. पुल पर बाइक सवार जान की बाजी लगाकर नदी पार करने को मजबूर हैं. ज्ञात हो कि बीते सावन में मुंगेर घाट से बलवा शिवालय में जलाभिषेक के लिए जा रहे कांवरियों की टोली में से आधे दर्जन कांवरिया पुल के नीचे गिर गया था, जिसे स्थानीय लोगों ने बचाया था. वहीं गत बाढ़ के समय सोहराव मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय राम बीआरसी में आयोजित गुरु गोष्ठी में शामिल होने बाइक से पुल पार करने के दौरान मोटर साइकिल सहित में नदी में गिरे गये थे. शिक्षक ने किसी तरह तैर कर जान तो बचायी, लेकिन बाइक नदी में शमा गया. इस तरह की कई घटनाएं पुल पार करने के दौरान हो चुकी है. इस मौत के सफर पर लोगों ने देवी के दर्शन करने आये नेताओं, अधिकारियों से सड़क निर्माण की गुहार लगाकर थक चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है.
रिटायर्ड रेल पुल पर यात्रि करते है मौत का इंतजार
रिटायर्ड रेल पुल पर यात्रि करते है मौत का इंतजार फोटो है 1 में कैप्सन-रिटायर्ट रेलवे ट्रैक पर सफर करते लोगप्रतिनिधि, चौथम धमहरा घाट स्थित कात्यायनी मंदिर के पास बागमती नदी पर बने रिटायर्ड मीटर गेज रेल पुल पर लोग जान जोखिम में डालकर मंदिर पहुंचते है. पुल पर सफर करने के दौरान कितने लोग […]
