जिला संतमत सत्संग का 50वां अधिवेशन शुक्रवार को संपन्न
मुंगेर. सदर प्रखंड अंतर्गत तौफिर गांव में आयोजित जिला संतमत सत्संग सह 50वां अधिवेशन शुक्रवार को संपन्न हो गया. कुप्पाघाट से पधारे स्वामी प्रमोद महाराज ने कहा कि एक बार महर्षि मेंही धर्म प्रचार में एक गांव गए थे. जिस झोपड़ी में गुरुदेव रात को ठहरे थे, वहां किसी ने आग लगा दी. हालांकि स्वामी जी बचकर निकल रहे थे, लेकिन उनपर तलवार से वार कर दिया गया. ऐसे कष्टों में रहते हुए संतमत का प्रचार महर्षी मेंही ने किया. उन्होंने कहा कि गुरुदेव कहते थे ईश्वर के स्वरूप की भक्ति जमकर करनी चाहिए. जीव परमात्मा का अभिन्न अंश है. परमात्मा को पाने में चेतन आत्मा ही सामर्थ्यवान है. यह शरीर साधनों का धाम और मोक्ष का द्वार है. यह शरीर एक नाव की तरह है. इस नाव के खेवनहार संत सद्गुरु हैं और प्रभु की कृपा अनुकूल हवा है. इस दौरान स्वामी निर्मलानंद, स्वामी सत्य प्रकाश, स्वामी नरेशानंद, स्वामी निवास बाबा, स्वामी जय कुमार बाबा ने भी प्रवचन दिया. जिसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया. जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. इस दौरान स्वामी प्रमोद के साधना और समर्पण पुस्तक की बिक्री भी जमकर हुयी. जिसे प्रो. ओम प्रकाश मंडल द्वारा लिखा गया है. मौके पर अर्जुन मंडल, प्रमोद शर्मा, प्रमोद कुमार शाह, सुदामा चौधरी, सदानंद तूरी, सीताराम पासवान, देव यादव आदि मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
