चार माह लंबी नामांकन प्रक्रिया के बावजूद 18 पीजी विभागों में 50 प्रतिशत सीटें रह गयी खाली

मुंगेर विश्वविद्यालय के उच्च दावों की पोल खुद विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति खोल रहा है.

हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को छोड़कर सभी विभागों में सीटें अबतक खाली

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के उच्च दावों की पोल खुद विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति खोल रहा है. चार माह लंबी चली विश्वविद्यालय के 18 पीजी विभागों के लिये नामांकन प्रक्रिया में करीब 50 प्रतिशत सीटें खाली रह गयी है. हाल यह है कि हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को छोड़कर सभी विभागों में सीटें खाली रह गयी है.

18 पीजी विभागों में कुल 1548 सीटों में 807 ने लिया नामांकन

एमयू के 18 पीजी विभागों में सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 में लगभग 50 प्रतिशत सीटें खाली रह गयी है. बता दें कि एमयू के इन 18 पीजी विभागों में कुल स्वीकृत सीटों की संख्या 1,548 है. इसमें उक्त सत्र में कुल 807 विद्यार्थियों ने ही नामांकन लिया है. जबकि इन पीजी विभागों में अबतक 733 सीटें खाली है. हाल यह है कि विश्वविद्यालय के हिंदी, इतिहास, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को छोड़कर सभी पीजी विभागों में सीटें अबतक खाली है. इसमें विज्ञान और वाणिज्य विषयों में तो 50 प्रतिशत से अधिक सीटें अबतक खाली हैं. ऐसे में विश्वविद्यालय के 9 पीजी सेंटरों में नामांकन की स्थिति को केवल समझा ही जा सकता है.

चार माह लंबी चली नामांकन प्रक्रिया, बावजूद सीट खाली

एमयू के पीजी विभागों में नामांकन से विद्यार्थी अब दूर होने लगे हैं. जिसका मुख्य कारण एमयू में लंबी और अबाऊ नामांकन प्रक्रिया और रिजल्ट प्रकाशन में विलंब है. बता दें कि सत्र 2025-27 पीजी सेमेस्टर-1 के लिये विश्वविद्यालय द्वारा सितंबर 2025 में नामांकन की प्रक्रिया आरंभ की गयी. जो चार माह लंबी चली और फरवरी 2026 में नामांकन की प्रक्रिया संपन्न हुई, लेकिन इसके बावजूद एमयू के पीजी विभागों में 50 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गयी.

विज्ञान व वाणिज्य में सर्वाधिक सीटें रिक्त

एमूय के कॉलेजों में पहले से ही प्रयोगशालाओं और लाइब्रेरी की स्थिति बदहाल है. ऐसे में एमयू के 18 पीजी विभागों का संचालन भी मुख्यालय के चार कॉलेजों में ही चल रहा है. ऐसे में पीजी के विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं का कोई खास लाभ नहीं मिल रहा है. हाल यह है कि एमयू के 18 पीजी विभागों में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक सीटें खाली रह गयी है. इसके अतिरिक्त सबसे अधिक सीटें संस्कृत, बांग्ला, उर्दू जैसे विषयों में खाली रह गयी हैं.

पीजी विभागों में नामांकन की स्थिति

पीजी विभाग स्वीकृत सीट नामांकन रिक्त सीट

वणस्पति विज्ञान 64 13 51

रसायन विज्ञान 64 9 55

भौतिकी 64 30 34

जंतु विज्ञान 64 64 0

गणित 100 24 76

अंग्रेजी 100 71 29

हिंदी 100 100 0

उर्दू 100 6 94

संस्कृत 100 100 0

राजनीति विज्ञान 100 100 0

अर्थशास्त्र 100 100 0

मनोविज्ञान 64 17 42

समाजशास्त्र 100 66 34

गृह विज्ञान 64 57 4

भूगोल 64 18 46

वाणिज्य 100 22 78

बांग्ला 100 7 93

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By AMIT JHA

AMIT JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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