इ-केवाइसी में खुलासा : जिले में 1532 मनरेगा मजदूर का निधन, 35 हजार कर चुके हैं पलायन

मनरेगा (वीबी-जी राम जी ) में वास्तविक मजदूर की अनुपस्थिति में फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने को लेकर मजूदरों की ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है.

मनरेगा में फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर मजदूरों का हो रहा इ-केवाइसी

मुंगेर. मनरेगा (वीबी-जी राम जी ) में वास्तविक मजदूर की अनुपस्थिति में फर्जी हाजिरी पर रोक लगाने को लेकर मजूदरों की ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है. बगैर इ-केवाइसी के किसी मजदूर को कार्य पर नियोजित नहीं किया जायेगा. फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर मुंगेर में भी मनरेगा मजदूरों का इ-केवाइसी कराया गया. इसमें बड़ा खुलासा हुआ है. एक ओर जहां 1,532 मजदूरों के मौत का खुलासा हुआ, वहीं स्थायी व अस्थाई तौर पर पलायन करने वाले मजदूरों की संख्या 35 हजार दिखाया गया.

जिले में मात्र बच गये है 1.11 लाख मनरेगा मजदूर

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए जिले में अभियान चला कर मनरेगा मजदूरों का इ-केवाइसी कराया गया है. इसमें बड़ा खुलासा हुआ है. जिले में कुल 1 लाख 52 हजार 498 आधार सिटेड मनरेगा मजदूरों थे. इ-केवाइसी में मजदूरों की संख्या घटकर 1 लाख 11 हजार 622 हो गयी है. यानी जिले में मात्र 72.72 हजार मजदूरों का ही इ-केवाइसी संभव हो पाया. यानी 41 हजार 876 मनरेगा मजदूरों ने इ-केवाइसी नहीं कराया. मनरेगा कार्यालय से जारी रिपोर्ट के अनुसार, जिले में 1 हजार 532 मजदूरों को मृत दिखाया गया है. जबकि 35 हजार से अधिक मजदूर अस्थाई व स्थाई तौर पर गांव छोड़कर पलायन कर चुके है.

इ-केवाइसी कराने वाले को ही मिलेगा काम

मनरेगा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए अब प्रत्येक जॉब कार्डधारी श्रमिक को ई-केवाईसी कराना आवश्यक हो गया है. इससे फर्जी जॉब कार्डधारियों की पहचान हो सकेगी और वास्तविक लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा. यानी मनरेगा में अब वैसे जॉब कार्डधारी मजदूरों को ही काम मिलेगा, जिनकी इ-केवाइसी अपडेट होगा. मजदूरों को तस्वीर युक्त आईडी एप में लोड होगी. रोजाना इसी तस्वीर युक्त आईडी से उनकी हाजिरी बनेगी. इससे उनकी जगह कोई दूसरा काम नहीं कर सकेगा. पूर्व में दूसरे के नाम पर भी मास्टर रोल बनाकर भुगतान के मामले सामने आते रहे है. इस पर रोक लगाने के लिए ई-केवाइसी करायी गयी.

कहते हैं अधिकारी

मनरेगा कार्यों में कई बार फर्जी उपस्थिति और प्रॉक्सी मजदूरों की शिकायतें सामने आती रहती हैं. नई प्रणाली लागू होने के बाद कार्यस्थल पर ही फेस प्रमाणीकरण होगा, इससे असली मजदूर मौजूद न होने पर उपस्थिति दर्ज नहीं होगी और भुगतान संभव नहीं होगा. जिले में कुल 1 लाख 11 हजार 622 मजदूरों ने अपना इ-केवाइसी कराया है. जिनका इ-केवाइसी हुआ है अब उन्हें ही योजना के तहत लाभ दिया जायेगा.

साहेब सिंह यादव, मनरेगा डीपीओ

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एक नजर इस पर

आधार सिटेड एक्टिव मजदूरों की संख्या – 1,53,498

इ-केवाइसी पूरी करने वाले मजदूरों की संख्या – 1,11,622

इ-केवाइसी पूरा करने वाले मजदूरों का प्रतिशत – 72.72

लंबित इ-केवाइसी की संख्या – 41,876

मृत मजदूरों की संख्या – 1,532

स्थायी प्रवास वाले मजदूरों की संख्या – 5,597

अस्थायी प्रवास वाले मजदूरों की संख्या- 29,736

अभी भी किया जाना बाकी है – 2,906

अन्य कोई कारण निर्दिष्ट किया जाना है- 2,105

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Published by: Birendra kumar sing

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