तारापुर : तारापुर के प्रसिद्ध बाबा तारेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर के प्रागंण में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ गुरुवार को हुआ. कथा आरंभ के पूर्व मंदिर परिसर से 151 महिलाओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली, जो तारापुर नगर का भ्रमण किया. कलश यात्रा से पूरा तारापुर भक्तिमय हो गया.
कलश शोभायात्रा निकली, भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ शुरू
तारापुर : तारापुर के प्रसिद्ध बाबा तारेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर के प्रागंण में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ गुरुवार को हुआ. कथा आरंभ के पूर्व मंदिर परिसर से 151 महिलाओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली, जो तारापुर नगर का भ्रमण किया. कलश यात्रा से पूरा तारापुर भक्तिमय हो गया. यात्रा में महिलाओं, […]

यात्रा में महिलाओं, पुरुषों व बच्चे के साथ स्वामी पथिक जी महाराज के परम शिष्य स्वामी सुबोधानंद जी महाराज भी शामिल थे. शोभा यात्रा में राधा-कृष्ण की झांकी भी साथ साथ चल रही थी जो लोगों का ध्यान अपनी ओर बरबस ही खीच लेती थी. यात्रा में बजरंग दल, मातृ शक्ति, दुर्गा वाहिनी तथा संत पथिक सत्संग समिति सहित स्थानीय कई स्वयं सेवी संगठन के सदस्य शामिल थे.
भागवत ज्ञानयज्ञ के प्रथम दिन हरिद्वार से आये स्वामी सुबोधानंद जी महाराज ने भागवत के महात्म्य का प्रसंग सुनाते हुए कहा भागवत कथा मानव को जीने और मरने की कला सिखाती है.
श्रद्धा एवं भक्तिपूर्वक भागवत कथा का श्रवण-चिन्तन करने से सारे पाप तथा जनम-मरण के बंधन से हमें मुक्ति मिलती है. उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित को सात दिनों तक गंगा के पवित्र तट पर भागवत महापुराण की कथा सुनाकर परमहंस महामुनि शुकदेव जी ने परमपद यानी मोक्ष प्रदान कराने का काम किया.
संतों के मुखारबिंद से ज्ञानोपदेश सुनकर उनके अनुसार आचरण करने से अवश्य ही लोगों को सद्गति मिलती है. भागवत कथा के मुख्य जजमान अरुण साह के पुत्र नयन साह एवं पुत्रबधु कविता देवी कहती है कि भागवत कथा के आयोजन से काफी सुकून का अनुभव होता है, क्योंकि भागवत कथा के श्रवण मात्र से लोगों के कई प्रकार के पाप का नाश होता है.