वार्डों में घूमते रहते हैं आवारा कुत्ते, दहशत में मरीज

मुंगेर : सदर अस्पताल मुंगेर अव्यवस्थाओं के बीच संचालित हो रहा है. अस्पातल परिसर एवं वार्डों में आवारा और बीमार कुत्ते घूमते रहते हैं. कभी मरीज के बेड के नीचे, तो कभी परिचारिका कक्ष के कोने में कुत्ता सोया रहता है. लेकिन इसे भगाने का प्रयास नहीं किया जाता है. जिसके कारण मरीज और उनके […]

मुंगेर : सदर अस्पताल मुंगेर अव्यवस्थाओं के बीच संचालित हो रहा है. अस्पातल परिसर एवं वार्डों में आवारा और बीमार कुत्ते घूमते रहते हैं. कभी मरीज के बेड के नीचे, तो कभी परिचारिका कक्ष के कोने में कुत्ता सोया रहता है. लेकिन इसे भगाने का प्रयास नहीं किया जाता है. जिसके कारण मरीज और उनके परिजनों को कुत्ता काटने का डर बना रहता है.

अस्पताल परिसर में आराम फरमाते हैं आवारा कुत्ते: सदर अस्पताल परिसर एवं विभिन्न वार्डों में बुधवार की शाम कई आवारा कुत्ता बैठे मिले. पुरुष सर्जकिल वार्ड में जिस स्थान पर नर्स को बैठने के लिए टेबुल लगाया है. उसी टेबल के नीचे कुत्ता आराम फरमा रहा था.
जबकि सिविल सर्जन द्वारा सख्त निर्दश जारी किया गया था कि पुरूष सर्जिकल वार्डों में ड्यूटी करने वाली नर्सों को परिचारिका कक्ष के बदले तीनों शिफ्टों में प्रत्येक वार्डों में बैठना है. लेकिन नर्स नहीं बैठती हैं. इसी वार्ड के बाहर जिस स्थान पर अस्पातल अधीक्षक का कार्यालय है.
उसके एक कोने में एक कुत्ता सोया हुआ मिला. सबसे दिलचस्प नजारा तो ऑपरेशन कक्ष के बाहर देखने को मिला. जहां एक मरीज के परिजन और एक बीमार कुत्ता एकसाथ बैठा था. अस्पातल के इमरजेंसी वार्ड के पास बने वृद्धा वार्ड के बाहर, एनसीडी क्लिनिक के बाहर तथा महिला वार्ड के पास बने ब्लड बैंक के बाहर भी कुत्ते आराम फरमाते कभी भी मिल जायेंगे.
मरीजों में रहता है काटने व संक्रमण का खतरा: सदर अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज पहुंचते हैं. जिनमें से कई मरीजों को इलाज के लिए इन वार्डों में भर्ती किया जाता है.
जबकि वार्डों में आवारा कुत्तों से हमेशा मरीजों को काटने एवं कई प्रकार के संक्रमण का खतरा बना रहता है. चिकित्सकों के अनुसार इन आवारा कुत्तों में रैबीज, मैगट्स, पारवो, कैनाइडिस्टेबर, लिप्रोस्पारोसिस आदि कई प्रकार के संक्रमण रोग होते हैं.
जिनके संपर्क में आते ही इंसान भी इन रोगों से संक्रमित हो जाता है. वहीं इन रोगों से कई बार कुत्ते पागलपन के शिकार हो जाते हैं. जिससे ये लोगों को काटकर उन्हें घायल तो करते ही हैं. साथ में काटने वाले इंसान को भी इन रोगों के संक्रमण का खतरा रहता है.
कहते हैं अस्पातल उपाधीक्षक : अस्पताल उपाधीक्षक डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि पीछे का दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण आवारा कुत्ते अंदर प्रवेश करते हैं. कुत्तों के अंदर प्रवेश करने से रोकने के लिए ठोस निर्णय लिया जायेगा.

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