मुंगेर : जमुई जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आया है. यह अनियमितता प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार पाल के यहां सुनवाई के दौरान करायी गयी जांच में पकड़ा गया.
जिस योजना में बीडीओ ने आरोप को असत्य करार कर प्रतिवेदन समर्पित कर दिया था. उसी योजना की जांच आयुक्त द्वारा एसडीओ से कराया गया और एसडीओ ने वादी के आरोप को सही ठहराया. अब इस मामले में आयुक्त ने जमुई के डीडीसी को तलब किया है.
बताया जाता है कि खैरा गांव निवासी जागेश्वर राउत ने लोक शिकायत निवारण अधिनियम के तहत गलत तरीके से आवास योजना का लाभ देने का वाद लाया था. जिला लोक शिकायत निवारण प्राधिकार ने सुनवाई के दौरान खैरा बीडीओ को जांच कर प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया था.
खैरा बीडीओ ने अपने जांच प्रतिवेदन में आरोप को असत्य करार देते हुए प्रतिवेदन समर्पित कर दिया. लेकिन वादी संतुष्ट नहीं हुआ और जागेश्वर राउत ने प्रमंडलीय आयुक्त सह अपीलीय प्राधिकार के न्यायालय में वाद लाया. सुनवाई के दौरान आयुक्त के निर्देश पर जमुई एसडीओ ने आरोपों की जांच की. एसडीओ की जांच रिपोर्ट में वादी द्वारा लगाए गये आरोप सही पाया गया. पूर्व से पक्का मकान होने के बावजूद लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया.
जबकि नियमानुसार जिन्हें पूर्व से पक्का घर है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता है. विदित हो कि जागेश्वर राउत ने कांति देवी, जया देवी, दुलो देवी, गायत्री देवी, सरिता देवी, चांदमुनी देवी, उषा देवी और मंजू देवी को गलत तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने का आरोप लगाया था.
एसडीओ के जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आया कि जया देवी को छोड़ शेष सभी लाभुक के खिलाफ लगाया गया आरोप सत्य है. जबकि खैरा बीडीओ के पूर्व में दिए गए जांच रिपोर्ट में सभी लाभुक पर लगाए गए आरोप को असत्य करार दे दिया गया था.
जमुई डीडीसी ने आयुक्त को भेजे प्रतिवेदन में कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर गलत तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने को लेकर खैरा पंचायत के ग्रामीण आवास सहायक राकेश कुमार और गलत जांच प्रतिवेदन देने को लेकर बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है. वहीं खैरा बीडीओ को गलत तरीके से आवास योजना का लाभ लेने वाले लाभुकों से राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है.
अगली सुनवाई में जमुई डीडीसी हुए तलब. आयुक्त मामले की जांच में आयी अलग-अलग बातों को गंभीरता से लिया है और अगली सुनवाई में जमुई डीडीसी को स्वयं सभी अभिलेख के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए हैं. आयुक्त ने कहा कि यह गंभीर मामला है. गलत तरीके से आवास योजना का लाभ देने और गलत प्रतिवेदन देने वालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
