जमालपुर : रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में अलार्म चैन पुलिंग (एसीपी) रोकने और चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने (स्टोन पेल्टिंग) पर लगाम लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया है. आरपीएफ मुख्यालय के निर्देश पर अभियान दोस्त चलाकर रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी ग्रामीणों को जागरूक करने में जुट गए हैं.
बताया जाता है कि किऊल-जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर कई ट्रेनों में अप्रत्याशित रूप से एसीपी अर्थात अलार्म चैन पुलिंग की जाती है तो कई इलाके में रेलवे ट्रैक के समीप बसे ग्रामीणों के बच्चे द्वारा खेल-खेल में ही चलती ट्रेन पर पत्थर फेंके जाते हैं. जिस कारण न केवल रेल परिचालन प्रभावित होता है और ट्रेन विलंब से चलने लगती है, बल्कि रेल यात्रा के दौरान यात्री स्वयं को असुरक्षित भी महसूस करते हैं.
क्या है आरपीएफ का ‘अभियान दोस्त’
वास्तव में एसीपी और पत्थर फेंकने की घटना अमूमन ग्रामीण क्षेत्रों में होती है. इसके कारण भारतीय रेल की छवि भी खराब होती है. आरपीएफ मुख्यालय का मानना है कि यह एक सामाजिक बुराई भी है, जिस पर ऐसे क्षेत्र के लोगों को जागरूक कर ही लगाम लगाया जा सकता है.
ऑपरेशन दोस्त इसी प्रकार का जागरूकता अभियान है. जिसमें रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी रेलवे ट्रैक से सटे इलाके के ग्रामीणों, उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और वहां के बुद्धिजीवियों से मिलकर इस प्रकार की घटना से होने वाली परेशानी के प्रति उन्हें सचेत और जागरूक करते हैं. इस अभियान में स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबर भी लिए जाते हैं, ताकि वास्तविक स्थिति की अद्यतन जानकारी से अधिकारी अवगत हो सके.
एसीपी व स्टोन प्लेटिंग का क्षेत्र किया गया है चिह्नित
जानकारी में बताया गया कि भागलपुर-जमालपुर-किऊल रेलखंड पर वैसे क्षेत्रों को रेलवे सुरक्षा बल ने चिह्नित किया है, जहां अक्सर अलार्म चैन पुलिंग एसीपी अथवा चलती ट्रेन पर पत्थर मारने (स्टोन प्लेटिंग) की घटना को अंजाम दिया जाता है. जानकारी में बताया गया है कि एसीपी कि अधिकतर घटना जमालपुर किऊल रेल खंड के घोघी बरियारपुर, पवई ब्रह्म स्थान क्षेत्रों में होती है.
जबकि चलती ट्रेनों पर पत्थर मारने की अधिकतर घटनाओं को जमालपुर सुल्तानगंज रेलखंड के गनगनिया और कल्याणपुर रोड रेलवे स्टेशनों के इर्द गिर्द अंजाम दिया जाता है. ऐसे चेन्नई क्षेत्रों के रसूखदार, प्रधान और मुखिया से मिलकर उन्हें यह बताया जा रहा है कि भारतीय रेल यात्रियों के लिए है और इसकी सुरक्षा को लेकर आम लोगों का भी दायित्व बनता है.
कहते हैं पोस्ट इंचार्ज इंस्पेक्टर
ऑपरेशन दोस्त को सफल बनाने के लिए जमालपुर पोस्ट के इंस्पेक्टर फिरोज सहित किऊल ओपी तथा बरियारपुर ओपी के सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस जागरूकता अभियान का प्रभाव सामने आने लगा है और इस प्रकार की घटनाओं में कमी आई है.
सुजीत कुमार यादव, पोस्ट इंचार्ज इंस्पेक्टर
