सफाई करने वाले आउटसोर्स संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश
कैदी वार्ड में बिना वर्दी का ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी निलंबित, दो चिकित्सक व एक ड्रेसर से स्पष्टीकरण
ऑपरेशन थियेटर, जांच घर व एक्स-रे कक्ष का होगा विस्तार, 24 घंटा मिलेगी सेवा
प्रत्येक वार्ड तथा आउटडोर कक्ष की सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
एंबुलेंस सेवा के लिए बनेगा कंट्रोल रूम, प्रतिदिन 3 बार लिया जायेगा जीपीएस रिपोर्ट
ड्रेसकोड का पालन नहीं करने वाले चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश
मुंगेर : जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने मंगलवार को सदर अस्पताल का घोषित निरीक्षण किया. इस दौरान अस्पताल में व्याप्त कुव्यवस्थाओं की पोल खुल गयी. लगभग चार घंटे तक जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न विभागों व कार्यालयों का जायजा लिया. अस्पताल में व्याप्त गंदगी तथा लंबे समय से बिखरे पड़े मेडिकल कचरे को देख बिफर पड़े तथा सफाई करने वाले आउटसोर्स संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया. वहीं उन्होंने डायरिया के मरीज को बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सक सहित कई अन्य चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण पूछने का भी निर्देश दिया. साथ ही सिविल सर्जन को ड्रेस कोड का पालन नहीं करने वाले चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी के विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये.
बाहर की दवा लिखने पर चिकित्सक को स्पष्टीकरण: निरीक्षण के दौरान डायरिया पीड़ित कल्पना देवी के परिजन ने बताया कि चिकित्सक उन्हें सभी दवाइयां बाहरी की लिख दी. जबकि अन्य मरीजों को अस्पताल से ही डायरिया की दवाई दी जा रही थी. जिसके बाद मरीज का पर्ची देखने पर पता चला कि डॉ आसीम कुमार द्वारा सचमुच में मरीज को सारी दवाइयां बाहर की लिख दी गयी हैं. जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि संबंधित चिकित्सक से यह स्पष्टीकरण पूछा जाये कि मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार करने को लेकर क्यों न उन पर प्राथमिकी दर्ज करा दी जाये. वहीं मेडिकल वार्ड में भरती लल्लू पोखर निवासी रूना देवी ने जिलाधिकारी को बताया कि सुबह से एक बार भी चिकित्सक उसे देखने नहीं आये हैं.
इस पर डीएम ने संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया. पुरुष सर्जिकल वार्ड में कई मरीजों ने बताया कि यहां पर ठीक से ड्रेसिंग नहीं किया जाता है. जिसके बाद डीएम ने ड्रेसर को तलब किया, किंतु ड्रेसर अस्पताल में मौजूद नहीं था, जिस पर डीएम ने उससे स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया.
24 घंटे जांच सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश: विभिन्न जांच घरों के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सदर अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर, जांच घर तथा एक्स-रे कक्ष का जल्द विस्तार किया जायेगा तथा ये सारी सुविधाएं सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी. उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि अस्पताल में अधिक से अधिक जांच सेवा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाये. ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े. साथ ही उन्होंने हिदायत दिया कि सभी वार्डों में बेड को अप-डाउन करने के लिए हाईड्रोलिक हैंडल तथा इमरजेंसी वार्ड में ट्रॉली स्ट्रेचर 24 घंटे रखने का निर्देश दिया.
उन्होंने एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए अस्पताल परिसर में ही एक कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया. जहां प्रतिदिन हर एंबुलेंस का 3 टाइम जीपीएस रिपोर्ट दर्ज किये जाने की बात कही.
सफाई करने वाली संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने पुरुष विभाग, महिला विभाग, प्रसव केंद्र सहित अन्य जगहों पर फैली गंदगी को देख कर काफी नाराजगी जतायी तथा सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि संबंधित संस्था को ब्लैक लिस्टेड किया जाये. वहीं वार्ड में कई मरीजों से डीएम द्वारा पूछे जाने पर बताया कि भोजन की गुणवत्ता सही नहीं रहती है.
आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज प्रमोद साव के पिता त्रिवेणी साव ने बताया कि दाल पानी के जैसा रहता है तथा खाने में खट्टा लगता है. सब्जी में भी पानी काफी रहता है. दूध पाउडर का रहता है, जो मरीज को पीने में अच्छा नहीं लगा है. इस पर डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सप्ताह में तीन दिन फूड इंस्पेक्टर से भोजन तथा नाश्ते की गुणवत्ता जांच करवायी जाये.
