मोतिहारी: हरसिद्धि में करंट लगने से महिला की मौत, परिवार में मचा कोहराम

हरसिद्धि के भगतहा टोला गांव में बिजली करंट की चपेट में आने से 46 वर्षीय मंजू देवी की मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है. स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता देने की मांग की है. पढ़ें पूरी खबर…

मोतिहारी के हरसिद्धि से ब्रजकिशोर कुशवाहा की रिपोर्ट

Motihari News: हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठ लोहियार पंचायत के वार्ड संख्या-10 स्थित भगतहा टोला गांव में शुक्रवार की सुबह बिजली करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है.

विद्यालय में निजी सफाई कर्मी के रूप में करती थीं कार्य

मृतका की पहचान गांव निवासी शिव साह की 46 वर्षीय पत्नी मंजू देवी के रूप में हुई है. वह राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भगतहा टोला में निजी सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थीं. स्थानीय सरपंच मीना देवी और सरपंच प्रतिनिधि अच्छे लाल सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही हरसिद्धि थाना को अवगत कराया गया.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की. थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि एसआई रंजन मंडल को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मोतिहारी भेज दिया. उन्होंने बताया कि अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. आवेदन मिलने पर यूडी केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

सर्विस तार से हुई घटना

बिजली विभाग के जेई नीतीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना सर्विस तार की चपेट में आने से हुई है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विभागीय अनुदान का प्रावधान नहीं है. 11 हजार वोल्ट के विद्युत तार से दुर्घटना होने पर ही विभाग की ओर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है.

वहीं अंचल अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि अंचल कार्यालय स्तर पर भी बिजली करंट से हुई मौत के मामलों में किसी प्रकार के अनुदान की व्यवस्था नहीं है.

श्रम विभाग से मिल सकती है सहायता राशि

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मासूम राजा ने बताया कि श्रम विभाग की ओर से दुर्घटना में मृत्यु होने पर दो लाख रुपये सहायता राशि का प्रावधान है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मृतका विद्यालय में निजी तौर पर कार्य करती थीं, इसलिए शिक्षा विभाग की ओर से किसी प्रकार के अनुदान की व्यवस्था नहीं है.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मंजू देवी की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. सरपंच प्रतिनिधि अच्छे लाल सिंह ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व मृतका के पति शिव साह बाहर मजदूरी करते थे. इस दौरान उनके मस्तिष्क का दो बार ऑपरेशन हुआ था. बाद में उन्हें पैरालिसिस हो गया और अब वह लाठी के सहारे चल पाते हैं.

मृतका के तीन पुत्र हैं. बड़ा पुत्र करीब 19 वर्ष का है और बाहर मजदूरी करता है. जबकि दो अन्य पुत्रों की उम्र 12 और 14 वर्ष है. घटना के बाद पति और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है. स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग की है.

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By Sarfaraz Ahmad

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