Motihari News: मधुबन. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है. रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गयी है. स्थानीय बाजार में कुछ समय पहले तक 40 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाली चीनी अब खुदरा में 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है. वहीं प्याज की कीमत भी 50 रुपये प्रति किलो के पार चली गयी है.
Madhuban News: चीनी के दाम में अचानक उछाल
कुछ समय पहले तक चीनी 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी. अब स्थानीय बाजार में इसकी खुदरा कीमत 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गयी है.
थोक बाजार में भी चीनी का भाव करीब 6400 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है. कीमतों में अचानक आयी इस तेजी का सीधा असर उपभोक्ताओं की रसोई के बजट पर पड़ रहा है.
सरसों तेल के भाव में भी तेजी
सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है. इसके भाव में और वृद्धि की संभावना जतायी जा रही है. सरसों तेल का भाव 180 से 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने की संभावना है.
तेल की कीमत बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरतों के सामान पर खर्च बढ़ने की चिंता उपभोक्ताओं में बनी हुई है.
50 से 80 रुपये किलो तक बिक रहा चावल
चावल के दाम में भी हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. बाजार में विभिन्न किस्मों के चावल 50 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहे हैं.
चावल रोजमर्रा के भोजन का प्रमुख हिस्सा है. ऐसे में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ रहा है.
प्याज की कीमत भी 50 रुपये के पार
प्याज के भाव में भी अचानक उछाल आया है. स्थानीय बाजार में प्याज की कीमत 50 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गयी है.
चीनी, सरसों तेल, चावल और प्याज जैसी रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी से उपभोक्ताओं के सामने रसोई का खर्च बढ़ने की चिंता खड़ी हो गयी है.
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