फोन पर परिवार से बात नहीं हुई तो भड़की उज्बेकिस्तानी महिला बंदी, जेल में खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी

केंद्रीय कारा मोतिहारी में एक उज्बेकिस्तानी महिला विचाराधीन बंदी ने तब हंगामा किया जब उसे फोन पर परिजनों से बात करने की अनुमति नहीं दी गई. लीगल एडवोकेट से संपर्क न होने के बाद, महिला ने जेल अधिकारियों के सामने खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी.

Motihari News: मोतिहारी. केंद्रीय कारा मोतिहारी में बंद उज्बेकिस्तान की एक विचाराधीन महिला बंदी के जेल कार्यालय में हंगामा करने का मामला सामने आया है. जेल प्रशासन के अनुसार, परिजनों से फोन पर बात कराने से मना करने के बाद महिला बंदी उग्र हो गयी और अधिकारियों के सामने अपने हाथ व सिर को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने लगी. मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल उपाधीक्षक संजय कुमार ने नगर थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर सनहा दर्ज करने समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है.

लीगल एडवोकेट से संपर्क नहीं हुआ तो की परिजनों से बात की मांग

जानकारी के अनुसार, हरेया थाना कांड संख्या 91/26 में विचाराधीन बंदी मखफूजा देखखोनोवा अपने लीगल एडवोकेट से संपर्क करने के लिए जेल कार्यालय पहुंची थी. जेल कर्मियों ने उसके अधिवक्ता से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ.

इसके बाद महिला बंदी ने अपने परिजनों से फोन पर बात कराने की मांग की. जेल उपाधीक्षक ने उसे जेल के नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि वह दूतावास के माध्यम से लिखित रूप से अपने परिवार तक संदेश पहुंचा सकती है.

परिजनों से बात नहीं होने पर उग्र होने का आरोप

जेल प्रशासन के अनुसार, दूतावास के माध्यम से संदेश भेजने की जानकारी मिलने के बाद महिला बंदी नाराज हो गयी और जेल कार्यालय में हंगामा करने लगी. इस दौरान उसने अधिकारियों के सामने अपने हाथ और सिर को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी.

जेल प्रशासन ने घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए पूरे मामले की जानकारी पुलिस को देने का फैसला किया.

जेल कर्मियों की मौजूदगी में हुआ घटनाक्रम

घटना के समय जेल कार्यालय में मुख्य उच्च कक्षपाल शंकर कुमार, महिला गृह रक्षक मेनका कुमारी और एक अन्य उज्बेकिस्तानी महिला बंदी माफतुना किलिचेरा मौजूद थीं.

जेल प्रशासन ने बताया कि घटनाक्रम के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए नगर थाना में लिखित आवेदन दिया गया है. आवेदन के आधार पर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है.

जेल प्रशासन ने दूतावास के जरिए संदेश भेजने का विकल्प बताया

जेल उपाधीक्षक के अनुसार, महिला बंदी को उसके परिजनों तक संदेश पहुंचाने के लिए दूतावास के माध्यम से लिखित संदेश भेजने का विकल्प बताया गया था. जेल प्रशासन का कहना है कि बंदियों से संबंधित फोन और संपर्क व्यवस्था निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जाती है.

महिला बंदी ने इसी व्यवस्था के बीच अपने परिजनों से सीधे फोन पर बात कराने की मांग की थी.

नगर थाना में सनहा दर्ज, पुलिस कर रही जांच

जेल उपाधीक्षक संजय कुमार की ओर से नगर थाना को दिए गये आवेदन के बाद मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया गया. नगर इंस्पेक्टर राजीव रंजन ने बताया कि सनहा दर्ज कर जांच की जा रही है.

पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.

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By Amresh kumar

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