Mid Day Meal Guidelines: बिहार के सरकारी स्कूलों में अब 'तिथि भोजन' की नई पहल शुरू होने जा रही है. शिक्षा विभाग ने इसके लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. यह कार्यक्रम भारत सरकार की 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत आयोजित किए जा रहे 'शिक्षा सप्ताह उत्सव' का हिस्सा होगा.
मध्याह्न भोजन निदेशक मिथिलेश मिश्र ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं.
क्या है 'तिथि भोजन' पहल?
इस पहल के तहत सरकारी विद्यालयों में विशेष अवसरों पर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. कार्यक्रम के संचालन में सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी.
'तिथि भोजन' का आयोजन राष्ट्रीय नायकों की जयंती, छात्र-शिक्षकों के जन्मदिन, राज्य स्थापना दिवस जैसे विशेष अवसरों पर किया जाएगा. 100 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक बार इसका आयोजन अनिवार्य होगा.
स्थानीय स्वाद के अनुसार बनेगा मेनू
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि भोजन तैयार करने से पहले स्थानीय खान-पान और स्वाद का ध्यान रखा जाए, ताकि बच्चे भोजन को रुचि से ग्रहण कर सकें.
भोजन में क्या मिलेगा?
विद्यालयों में परोसे जाने वाले भोजन में संतुलित और ताजा आहार शामिल होगा. इसमें चावल, गेहूं, श्री अन्न (मिलेट्स), दाल और हरी सब्जियां शामिल रहेंगी.
पोषण मानकों के अनुसार—
| स्तर | ऊर्जा | प्रोटीन |
| प्राथमिक कक्षा | 450 कैलोरी | 12 ग्राम |
| उच्च प्राथमिक कक्षा | 700 कैलोरी | 20 ग्राम |
जंक फूड और बासी भोजन पर पूरी तरह रोक
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नूडल्स, चिप्स, चॉकलेट जैसे जंक फूड और बासी भोजन बच्चों को नहीं दिया जाएगा.
भोजन वितरण के दौरान बच्चों को जंक फूड के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा.
सुरक्षा और निगरानी के लिए सख्त निर्देश
भोजन परोसने से पहले शिक्षक या रसोइया द्वारा उसका स्वाद चखना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही भोजन पकाने, भंडारण और वितरण के दौरान स्वच्छता के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
विद्यालयों को लाभान्वित बच्चों की संख्या सहित आवश्यक जानकारी मध्याह्न भोजन योजना समिति को नियमित रूप से उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है.
